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घोटालों से घिरी पीजीआईएमएस की आधुनिक ब्लड मोबाइल बस

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प्रकाशित समाचार की फोटो प्रति
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
घोटालों से घिरी पीजीआईएमएस में नाकों की आधुनिक ब्लड मोबाइल बस माडर्न ब्लड बैंक की साख पर सवालिया निशान लगा रही है। यहां यह बस शुरूआत की ही राजनीति का शिकार हो रही है। इस बस के संचालन में पहले अड़ंगा लगाया गया, फिर बैटरी को लेकर अब इसकी रिपेयरिंग समय पर न कराने का मामला सामने आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि पहले के बस चालक पर तेल में घोटाले की रिकवरी का मामला विचाराधीन है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ब्लड मोबाइल बस रक्तदान शिविर लगाने वाली सामाजिक संस्थाओं की पसंदीदा बस है। बस में रक्तदान के दौरान रक्त स्टोरेज करने की क्षमता 240 यूनिट तक उपलब्ध है।
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इसके साथ इस बस में रक्तदाताओं को जागरूक करने के लिए एलईडी, आराम करने के लिए रेस्ट एरिया और रक्त स्टोर करने के लिए फ्रीजर तक की व्यवस्था है। इसे चलता फिरता आधुनिक मिनी ब्लड बैंक भी कहा जाता है। बस में एसी सुविधा किसी भी मौसम में रक्तदाता के लिए तापमान को अनुकूल बना देती है। इसके बावजूद इस बस के स्टाफ और अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह बदहाली में है। संस्थान के यातायात विभाग में आरोप-प्रत्यारोप के चलते अकसर यह शाखा हमेशा विवादों में रहती है। इसी विवाद के चलते यह बस भी बदहाली का शिकार है। संस्थान के सूत्र बताते हैं कि किसी को बस का प्रशिक्षण नहीं है तो कोई इसके संचालन में तेल की धांधली में उलझा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि इस बस के चालक की तेल में गड़बड़ी करने के मामले में जांच पूरी हो गई है, बस कार्रवाई होना शेष है। गौरतलब है कि हरियाणा रोडवेज से पीजीआईएमएस को वाहन की एवरेज प्राप्त होती है। यदि इससे कम चालक एवरेज निकालता है तो उसे तेल भुगतना पड़ता है और यदि अधिक एवरेज निकालता है तो वह तेल उसकी बचत में आ जाता है। चालकों की मानें तो शहर में चलने पर उन्हें घाटा होता है, यदि उन्हें लंबे रूट पर चलने को मिलता है तो कुछ बचत हो जाती है। इस संबंध में संस्थान के यातायात अधिकारी सुधीर कत्याल को बार-बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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