जान पहचान है, तब ही बदल पाएंगे बैंक में 10 के सिक्के
- प्राइवेट बैंक ने सिक्के बदलने से मना किया, बोले खाते में जमा करेंगे सिर्फ
- राष्ट्रीयकृत बैंक में कर्मचारी बोला, 10-20 सिक्के हों तो लाइए बदल देते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अगर आपकी जान पहचान है, तब ही आप बैंक में 10 रुपये का सिक्का आसानी से बदल पाएंगे। अमर उजाला टीम ने बुधवार को राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र के बैंक में पड़ताल की, जहां पहली बार में तो बैंक कर्मचारी 10 रुपये के सिक्के को बदलने के लिए न ही करते नजर आए, लेकिन अमर उजाला की टीम के कुरेदने पर कहीं बैंक कर्मचारी बोला कि कुछ सिक्के हों तो बदल देंगे, कहीं कहा गया कि बैंक में खाता है तो सिक्के लेकर खाते में जमा कर देंगे। कुल मिलाकर हालात ऐसे लगे कि अगर एक आम आदमी बैंक में 10 रुपये के सिक्के लेकर उसके बदले नोट लेना चाहे तो आसान नहीं है, उसके धक्के खाने ही पड़ेंगे और वह हारकर लौट जाएगा। इसके बाद 10 रुपये का सिक्का दोबारा लेने से तौबा कर लेगा। आइए जानते हैं कि अमर उजाला की टीम जब ग्राहक बनकर बैंक पहुंची तो उसे किस तरह के सवालों से गुजरना पड़ा और जब टीम ने अपना परिचय दिया तो जवाब गोलमोल हो गया।
दिल्ली रोड स्थित जाट कॉलेज के पास स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक में अमर उजाला की टीम पहुंची। बैंक का ब्रांच मैनेजर अपने कक्ष में मौजूद नहीं था। वहां मौजूद महिला एवं एक पुरुष कर्मचारी से 10 रुपये का सिक्के बदलवाने के बारे में पूछा तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार किया। इतने में वहां ब्रांच मैनेजर की गैर मौजूदगी में कार्यभार संभालने वाले मैनेजर आ गए, जिस पर उनसे बात करने की बात कहीं गई। उनसे 10 रुपये के सिक्के बदलने के बाबत पूछा गया, जिस पर उन्होंने शहर में इन सिक्कों के नहीं चलने और नकली सिक्कों की फैक्ट्री पकड़े जाने को इसकी वजह बताई। इस पर टीम ने दोबारा 10 रुपये का सिक्का बदलने की बात पूछी, जिस पर उन्होंने टीम से पहचान बताने के लिए कहा, इसके बाद टीम ने अपनी पहचान उजागर की। इस पर उनका कहना था कि अगर आपके पास 10-20 सिक्के हों तो लाइए बदल देते हैं।
इसके बाद टीम मॉडल टाउन स्थित एक निजी बैंक की शाखा में पहुंची। जहां इंक्वायरी काउंटर पर 10 रुपये के 50 सिक्के बदलने के बारे में पूछा गया, जिस पर कैश काउंटर पर जाने के लिए कह दिया गया। उनका कहना था कि इस बारे में कैशियर ही जानकारी दे सकता है। इसके बाद टीम टेलर काउंटर पहुंची और टेलर से पूछा कि उनके पास 10 रुपये 50 सिक्के हैं, जिन्हें बदलवाना है, लेकिन कैशियर ने सिक्के बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब उसने यह कहा गया कि उनके बैंक में ही खाता भी है तो उनका कहना था कि सिक्कों के बदले कैश तो नहीं मिलेगा, लेकिन सिक्के खाते में रकम जमा हो जाएंगे।
अब इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक आम इंसान या एक छोटे दुकानदार के लिए 10 रुपये का सिक्का लेने पर उसे खपाना कितनी बड़ी मुसीबत है। इसीलिए न तो ग्राहक 10 रुपये का सिक्का ले रहा और न ही कोई व्यापारी। उधर, बैंकों के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मुकेश कुमार जैन ने कहा कि अगर कोई बैंक सिक्के लेने से इनकार करता है तो लोग उनके पास शिकायत करें, जिसके बाद जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारी बोले - 10 के सिक्के न ग्राहक लेता है, न ही बैंक
- व्यापारियों ने कहा कि लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, प्रशासन को कदम उठाने की जरूरत
रोहतक (ब्यूरो)। शहर के व्यापारियों का कहना है कि रोहतक समेत आसपास के जिलों में 10 रुपये के सिक्के नहीं लिए जाने की दिक्कत बनी हुई है। यहां तक कि कई बार सिक्के बैंक में ले जाने पर भी उसे जमा करने से मना कर दिया जाता है। व्यापारियों ने बताया कि 10 रुपये का सिक्का वैध होने के बारे में सरकार और प्रशासन की ओर से कई बार कहा जा चुका है, लेकिन 10 रुपये का सिक्का ग्राहक लेता नहीं और बैंक भी मना कर देता है।
रूटीन में बैंक 10 रुपये के सिक्के लेने से इनकार ही कर देते हैं। इस पर प्रशासन को संज्ञान लेने की जरूरत है। छोटे व्यापारियों को दिक्कत होती है, जिस पर ध्यान देकर व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। - गुलशन डंग
ग्राहक 10 रुपये का सिक्का ले ही नहीं रहा है। छोटे व्यापारियों के साथ दिक्कत है कि लेकिन बड़े व्यापारी 10 रुपये का सिक्का आने पर ले रहे हैं। - बिट्टू सचदेवा, अध्यक्ष किला रोड मार्केट एसोसिएशन
करीब छह महीने पहले 10 रुपये का सिक्के जमा कराने एक बैंक गए बुजुर्ग को पुलिस ने नकली सिक्कों के शक में गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद लोगों में डर है, बाद में उस बुजुर्ग के सही होने पर उसे छोड़ दिया गया था। 10 रुपये का सिक्का परेशानी का कारण तो है। -गुलशन निझावन, अध्यक्ष, पालिका बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन