आयकर विभाग की जांच के बाद हो सकता है बड़ा खुलासा!
चरखी दादरी।
आयकर विभाग की शहर के बड़े कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर जांच प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। जांच प्रक्रिया पिछले 36 घंटों से चल रही है विभागीय टीमों शहर के चारों बड़ी ऑयल मिल संचालकों के प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड को टीम खंगाल रही है। सूत्रों की मानें तो जांच के बाद कोई बड़ा खुलासा हो सकता है। आयकर विभाग की इतने बड़े पैमाने पर छापामारी से नोटबंदी मामले से जुड़े होने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो फर्जी कंपनियां व बैंक अकाउंट खुलवाने के मामले में पुरानी अनाज मंडी निवासी एक व्यापारी से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। जांच प्रक्रिया अभी कितनी लंबी और चलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता।
जानकारी के अनुसार शहर का सरसों तेल कई राज्यों में सप्लाई किया जाता है। जो यहां बड़े पैमाने पर मिलों में ऑयल तैयार किया जाता है। डेढ़ साल में शहर के ऑयल मिल संचालकों के प्रतिष्ठानों पर यह चौथी छापामारी है। इससे पहले तीन दफा मिल संचालकों की अनियमितताएं औचक निरीक्षण के दौरान पकड़ में आ चुकी है। एक दफा तो मिल संचालकों पर भारी भरकम जुर्माना ठोंका गया था। इसके बाद भी ऑयल मिलों में अनियमितताएं तो मिली हैं लेकिन वो इतने बड़े पैमाने पर सामने नहीं आई थी। इस बार आयकर विभाग की जिले में अब तक की ये सबसे बड़ी कार्रवाई है। आयकर विभाग की करीब 12 से अधिक टीमें आने से शहर के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई कारोबारी तो प्रतिष्ठानों पर ताले जड़कर गायब ही हो चुके हैं। सभी टीमें बुधवार से ही टीमें ऑयल मिलों के रिकॉर्ड, कारोबारियों के घरों व गोदामों में पहुंचकर रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है। विभागीय अधिकारी जांच में अभी और समय लगने का तर्क दे रहे हैं। कुछ ऑयल मिल संचालकों के तो दिल्ली में भी ऑफिस हैं और यहां भी आयकर विभाग की टीमें डेरा डाले हुए हैं। अब अगर सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग की टीम ऑयल मिलों में नोटबंदी के दौर में हुए कारोबार का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है। कयास लगाए जा रहे है कि जिस व्यापारी ने फर्जी कंपनियों व बैंक अकाउंट के जरिए काले धन को सफेद किया था, उससे पूछताछ के बाद ही यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों व सीएम फ्लाइंग को इन मिलों पर गड़बड़ियां मिल चुकी है, लेकिन आयकर विभाग की इतने बड़े पैमाने पर छापामारी किसी बड़े घपलेबाजी की ओर इशारा कर रही है। पूरा मसला क्या है, यह तो जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा। जांच प्रक्रिया के बीच में कोई इस मसले में कुछ बताने को तैयार पहीं है।
इन क्षेत्रों में डाले हुए हैं टीमें डेरा
आयकर विभाग की करीब एक दर्जन से अधिक टीमें शहर की अलग-अलग जगहों पर जांच में जुटी हुई है। ये टीमें पुरानी अनाज मंडी, अग्रसेन धर्मशाला के समीप, हीरा चौक क्षेत्र, कनीना रोड क्षेत्र में जांच कर रही है।
फर्जी बिलिंग व एंट्री का हो सकता है खुलासा
विभागीय सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के दौर में आयकर विभाग की पकड़ में कुछ फर्जी कंपनियां खोलकर फर्जी बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन करने के मामले आए थे। इन मामलों की जांच के लिए पुरानी अनाज मंडी निवासी एक कारोबारी से पूछताछ भी की गई थी। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान राजस्थान के चिड़ावा में किसी निजी कंपनी के जरिए भारी मात्रा में पुरानी करैंसी को गोलमाल किया गया है। आयकर विभाग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ कारोबारियों के फर्जी बिलिंग व एंट्री की घपलेबाजी भी पकड़ में आ सकती है। हालांकि अधिकारिक रूप से इस बात की फिलहाल किसी ने पुष्टि नहीं की है।
सीएम फ्लाइंग ने रिकॉर्ड गड़बड़ी के साथ पकड़े थे अवैध गोदाम
पिछले करीब डेढ़ साल की बात करें तो ऑयल मिलों पर चौथी दफा छापामारी की गई है। सबसे पहले मार्केटिंग बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक (जेडए) ने छापामारी कर मिलों में चल रहे गड़बड़झाले को पकड़ा था। इसके बाद जेडएमईओ की टीम ने भी यहां गड़बड़ियां पकड़ी थीं। करीब एक माह पहले सीएम फ्लाइंग ने भी छापामारी कर मिलों की अनियमितताओं को पकड़ा था। हालांकि स्टॉक में थोड़ी-बहुत की गड़बड़ी मिली थी लेकिन टीम ने शहर में अवैध रूप से चल रहे गोदामों का भी भंडाफोड़ कर इनसे मार्केटिंग फीस वसूली थी।
वर्जन::
अभी जांच चल ही रही है और हम केवल सहयोग कर रहे हैं। जांच में क्या सामने आया इसके बारे में तो आयकर विभाग के अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं।
सुरेश हुड्डा, डीएसपी हेडक्वार्टर