गली में गिरा जर्जर भवन, एक मजदूर घायल
भिवानी। बिचला बाजार मस्तों वाली गली में खारी कुई के पास एक जर्जर भवन गिर गया। हादसे में एक मजदूर को चोट आई है। भवन की एक दीवार तारों पर गिरने से बिजली का खंभा भी बीच से टूट गया। अब तारों के सहारे खंभा झूल रहा है जो कभी भी गिरकर हादसे का सबब बन सकता है।
बिचला बाजार मस्तों वाली गली में खाई कुई के पास सीताराम, विश्वनाथ व बिमल कलकत्ता वालों की पुरानी हवेली है। रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे पुरानी हवेली की गली की साइड का हिस्सा अचानक गिर गया। गनीमत रही कि उस समय गली से कोई गुजर नहीं रहा था और न ही बच्चे खेल रहे थे। हादसे में वहां काम कर रहा एक मजदूर घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दीवार बिजली के तारों पर गिरी और फिर गली में। तारों में लगे झटके के कारण बिजली का खंभा भी बीच से टूट गया और पूरी गली की बत्ती गुल हो गई। मलबा गली के बीचो-बीच गिरने के कारण आवागमन भी ठप हो गया। भवन के मालिकों की माने तो यह भवन डेढ़ सौ से भी अधिक साल पुराना है।
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सुबह खेल रहे थे युवा, सायं को बच्चे, बड़ा हादसा टला
गली में जिस जगह भवन गिरा वहां सुबह युवा क्रिकेट खेल रहे थे। दोपहर बाद काफी संख्या में छोटे बच्चे खेल रहे थे। गनीमत रही कि दीवार गिरने से चंद मिनट पहले ही बच्चे वहां से चले गए थे। वरना हादसा भयंकर हो सकता था।
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अभी भी खतरा बरकरार
बेशक जर्जर भवन का एक हिस्सा टूटकर गिर गया हो, मगर खतरा अभी भी बरकरार है। इस जर्जर भवन की बाकी दीवार भी गिरने को है। इसके अलावा तारों पर अचानक दीवार गिरने से लगे झटके से बिजली का खंभा बीच से टूट गया है। खंभा अब बिजली के तारों के सहारे हवा में झूल रहा है। बिजली की तारों में भी करंट दौड़ रहा है। टूटा खंभा और तार कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं।
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जर्जर भवन में अभी भी रह रहे दो परिवार
इस जर्जर भवन में अभी भी दो परिवार रह रहे हैं। जिनके सिर पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है। विवाद प्रॉपर्टी को लेकर भी है। एक परिवार इस भवन को तोड़ जमीन का बटवारा चाहता है तो बाकी मना कर रहे हैं।
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नगर परिषद, डीसी को भी लिखा पत्र
मकान में हिस्सेदार ऋषि प्रकाश और उनके लड़के सौरव मित्तल ने बताया कि वे भवन को आठ साल पहले छोड़ चुके हैं और नगर परिषद, डीसी को भी इस बारे में लिख चुके हैं। अब तुड़वाने का काम भी शुरू करवा रखा था। इसी दौरान भवन गिरा है।
स्थानीय लोग भी इसकी शिकायत कर चुके हैं। गली वासी नंदकिशोर, पानू मस्ता, संजीव कुमार, कालीचरण, राधेश्याम, सुनील कुमार, गोलिया मास्टर, करतार कौशिक आदि ने बताया कि हर समय ही गली से गुजरते समय इसके गिरने का डर बना हुआ था। इस बारे में खंडहर भवन मालिक और नगर परिषद में भी शिकायत की।