तीन मुख्य सड़कों सहित 41 गलियों के लिए मिला बजट
चरखी दादरी। जिले के 12 प्रोजेक्ट को प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। इनके अंतर्गत शहर तीन मुख्य सड़कों सहित 41 गलियों का निर्माण होगा। सरकार ने दो दिन पहले ही पांच करोड़ का बजट जारी किया है। नगर परिषद के पास बजट आते ही अधिकारियों ने टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को नप अधिकारी तकनीकी स्वीकृति लेने के बाद टेंडर जारी किए जाएंगे।
अमर उजाला ने सीएम की घोषणा के कई माह बाद तक बजट जारी न होने पर गत 10 अप्रैल के संस्करण में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। पांच करोड़ की राशि नप के पास पहुंचने से अंदरुनी सड़कों की कायाकल्प कराने की मांग परवान चढ़ती नजर आ रही है। यह राशि सीएम की घोषणा के ठीक दस माह बाद जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने 18 सितंबर को दादरी की नई अनाज मंडी में आयोजित विकास रैली में दादरी को जिले का दर्जा देने की घोषणा की थी और शहरी विकास का खाका खींचने के लिए नगर परिषद को भी पांच करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। इसके बाद करीब तीन माह तक तो मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। जनवरी माह में डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने सीएम की घोषणाओं पर तमाम विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर इस पर तत्परता से काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नप अधिकारियों ने पांच करोड़ से करवाए जाने वाले विकास कार्यों का खाका तैयार किया था।
गत फरवरी माह में नप अधिकारियों ने सीएम की घोषणा अनुसार 12 प्रोजेक्ट के अलग-अलग एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिए थे। इसके बाद हेड ऑफिस से न तो इनको मंजूरी मिली और न ही सरकार की तरफ से पांच करोड़ की राशि नगर परिषद को जारी हुई । वहीं, नगर परिषद सूत्रों की मानें तो प्री-मानसून के दौरान ही शहर की अंदरुनी सड़कों व गलियों का निर्माण कराने की प्लानिंग थी लेकिन समय पर बजट न आने के चलते यह सिरे नहीं चढ़ पाई। अधिकारियों का कहना है कि सीएम की घोषणा मुताबिक पांच करोड़ की राशि उनके खाते में आ चुकी है और अगली कार्रवाई सोमवार से शुरू कर दी जाएगी। वहीं सीएम की अन्य विभागों से जुड़ी कुछ घोषणाओं पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा गांधी नगर फाटक पर आरओबी या आरयूबी को लेकर अभी भी लोगों के जहन में संशय बना हुआ है। खेल विभाग भी सीएम की घोषणा अनुसार सभी व्यायामशालाओं का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं करवा पाया है।
बजट आया तो अब तकनीकी स्वीकृति पर टिकी नजरें
सीएम घोषणा का बजट करीब दस माह बाद नगर परिषद के खाते में आने के बाद अब सबकी नजरें तकनीकी स्वीकृति पर टिकी हुई हैं। अब नगर परिषद सोमवार को चंडीगढ़ तकनीकी स्वीकृति लेने जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
किस प्रोजेक्ट पर आएगी कितनी लागत
. 44.22 लाख की लागत से वार्ड नंबर एक में रोहतक रोड से श्यामेश्वर टाइल फैक्ट्री तक गली का निर्माण।
. 39.03 लाख की लागत से वार्ड नंबर दो में सीसीआई फाटक से ढाणी फाटक तक सड़क का होगा जीर्णोद्घार।
. 31.52 लाख की लागत से आर्य समाज मंदिर से वाया कोर्ट रोड के बैक साइड वाली मुख्य सड़क का निर्माण।
. 43.66 लाख की लागत से वार्ड नंबर चार में अलग-अलग टुकड़ों में छह गलियों का निर्माण।
. 13.19 लाख की लागत से वार्ड नंबर आठ में शंकर मार्केट से शंकर बिरही वाले की दुकान तक सड़क का निर्माण।
. 25.27 लाख की लागत से वार्ड नंबर 14 में तीन अलग-अलग गलियों का निर्माण।
. 97.21 लाख की लागत से शहीद उद्यम सिंह सिविल अस्पताल के बैक साइड से प्राचीन हनुमान मंदिर तक सड़क का निर्माण।
. 31.69 लाख की लागत से वार्ड नंबर 17 में पांच गलियों का निर्माण।
. 46.32 लाख की लागत से वार्ड नंबर 18 में सात गलियों का निर्माण
. 87.5 लाख की लागत से वार्ड नंबर 19 में 11 गलियों का निर्माण।
. 39.53 लाख की लागत से वार्ड नंबर 21 में पांच गलियों का टुकड़ों में निर्माण।
शहर की अंदरुनी सड़कें खस्ताहाल में हैं। वार्डों में भी नई गलियों का निर्माण कराने की जरूरत है। घोषणा के मुताबिक सरकार ने बजट भेज दिया है। अब नगर परिषद अधिकारियों को तत्परता के साथ विकास कार्य शुरू कराने चाहिए।
मोती लाल, वार्ड सात निवासी
प्री-मानसून की बरसात के बाद कई मुख्य सड़कों पर सफर मुश्किल हो गया है। मानसून सत्र से पहले ही सड़कों व गलियों का निर्माण करना चाहिए था। अब तो बजट मिल चुका है अधिकारियों को काम शुरू करवा देना चाहिए।
महेश, लालजपतराय चौक निवासी
पुरानी अनाज मंडी सहित कई अन्य सड़कें जर्जर हाल में हैं। इन पर हादसे हो रहे हैं, इसलिए नगर परिषद अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकता जल्द से जल्द पूरी कर काम शुरू करवाना चाहिए ।
हुक्मचंद, पुरानी अनाज मंडी निवासी
41 गलियों व तीन मुख्य सड़कों का निर्माण होने से लोगों व राहगीरों को काफी सुविधा होगी। नगर परिषद अधिकारी पहले तो बजट न आने का तर्क दे रहे थे लेकिन अब सरकार ने पांच करोड़ रुपये की राशि दे दी है। इसलिए अब काम शुरू कराना चाहिए।
धर्मपाल, हीरा चौक निवासी
पांच करोड़ रुपये का बजट हमारे पास पहुंच चुका है। सोमवार को तकनीकी स्वीकृति लेने चंडीगढ़ जाउंगा। वहां से अनुमति मिलते ही हम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे। उम्मीद है कि अगले 15 दिन में टेंडर अलॉटमेंट प्रक्रिया भी पूरी हो जाए।
हरिकिशन शर्मा, एमई नगर परिषद