निगम काटेगा 4000 स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन
चरखी दादरी।
बकाया बिल की रिकवरी के लिए आम उपभोक्ताओं पर कार्रवाई के बाद अब बिजली निगम के अधिकारियों ने सरकारी विभागों से बिलों की वसूली करने का निर्णय लिया है। हाल ही में निगम अधिकारियों ने नगर परिषद को दो सप्ताह के अंदर बकाया बिल की अदायगी करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें 15 दिन में बकाया राशि न जमा करने पर शहर की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी है। इससे पहले भी निगम अधिकारी बकाया बिल राशि को लेकर स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काट चुके हैं। इस बार अगर नप अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया तो पूरा शहर अंधेरे में डूबा नजर आएगा। वहीं नप अधिकारी भी बिजली निगम पर प्रॉपर्टी टैक्स की करीब दो करोड़ की राशि निगम की तरफ बकाया होने का तर्क दे रहे हैं। नगर परिषद के साथ बिजली निगम जन स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग को भी पत्र लिखने की तैयारी में है। इन पर करीब 12 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।
जानकारी के अनुसार शहर में करीब चार हजार स्ट्रीट लाइटें हैं और इनमें 12 हाई मास्क लाइटें, दो हाई मास्क एलईडी लाइटें व शहर के अलग-अलग वार्डों में करीब 3950 सौ सामान्य लाइटें लगाई गई हैं। बिजली निगम की नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग व सिंचाई विभाग की तरफ करीब 16 करोड़ की राशि बकाया है। अब निगम अधिकारी इस राशि की अदायगी के लिए संबंधित विभागों के अध्यक्ष से पत्राचार कर रहे हैं। नगर परिषद को चेतावनी पत्र भेजकर निगम अधिकारियों ने इसकी शुरुआत की है। निगम अधिकारियों ने परिषद अधिकारियों को जो पत्र भेजा है उसमें बिल की अदायगी के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस समयावधि में अगर नगर परिषद अधिकारी बिल भुगतान के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाते तो निगम अधिकारी शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काट देंगे। निगम अधिकारियों का आरोप है कि नगर परिषद अधिकारियों ने पिछले कई सालों से बिजली बिल की अदायगी नहीं की है। एक अप्रैल 2015 को नगर परिषद की तरफ बिजली निगम का 60.72 लाख बकाया था जो कि वर्तमान में बढ़कर 2.34 करोड़ पार कर चुकी है। वहीं, नगर परिषद अधिकारी भी बिजली निगम की तरफ प्रॉपर्टी टैक्स की एवज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की राशि बकाया होने का तर्क दे रहे हैं। नप अधिकारियों का तर्क है कि इसके अलावा बिजली दरों में कुछ छुट भी उन्हें मिली थी और निगम अधिकारियों ने सामान्य दरों के मुताबिक बकाया बिल राशि तैयार की है। नप अधिकारियों का कहना है कि वो निगम अधिकारियों के साथ बैठकर मामला सुलझा लेंगे। दोनों की एक-दूसरे पर एक जैसी ही लेनदारी है। नप अधिकारियों का दावा है कि स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शनों को काटने की नौबत नहीं आएगी और न ही इस मामले में शहरवासियों को कोई परेशानी होने दी जाएगी।
जन स्वास्थ्य विभाग 6.25 करोड़ का कर्जदार
बिजली निगम के अधिकारियों की डिफॉल्टर लिस्ट में जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ 6.25 करोड़ की बकाया बिल राशि बिजली निगम की पेंडिंग पड़ी है। विभागीय अधिकारियों द्वारा बिजली भुगतान में रुचि न लेने पर निगम अधिकारियों ने करीब 9.20 हजार रुपये का जुर्माना भी इस राशि में जोड़ा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग को भी बिल अदायगी के लिए पत्र लिखा जाएगा।
सिंचाई विभाग पर 7.36 करोड़ की ब्याज राशि है बकाया
जन स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद पर जहां बिजली निगम अधिकारी साढ़े छह करोड़ व 2.34 करोड़ की राशि बकाया बता रहे हैं तो वहीं सिंचाई विभाग की तरफ 7.36 करोड़ की ब्याज राशि बकाया है। बिजली बिल की बकाया राशि महज 51 लाख ही है लेकिन इससे पहले वाली राशि भी ब्याज लगाने से फिलहाल यह बकाया आंकड़ा 7.87 करोड़ जा पहुंचा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि ब्याज राशि को लेकर दोनों विभागों के उच्चाधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है और यह बकाया बिल राशि का आंकड़ा सूबे के मुखिया सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मांगा है।
कुंडीमार कर स्ट्रीट लाइट जलती मिली तो मकान मालिक पर होगी कार्रवाई
निगम अधिकारियों की छापामारी में स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी होने के कई मामले सामने आए हैं। इन पर संज्ञान लेते हुए निगम अधिकारियों ने योजना तैयार की है। इसके तहत बिजली पोल या खंभे की बजाय अगर किसी व्यक्ति के मकान के किसी भाग में स्ट्रीट लाइट लगी है और यह बिजली चोरी कर जलाई जा रही है तो निगम की टीम मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएगी।
नगर परिषद व बिजली निगम अधिकारियों को मिल बैठकर समस्या का समाधान करना चाहिए। अगर स्ट्रीट लाइटों के निगम अधिकारी कनेक्शन काटते हैं तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा। एक दफा पहले कनेक्शन कटने से जनता को परेशानी हुई थी।
रामधन, वार्ड 16 निवासी
--सरकारी विभागों को बिल की अदायगी समय पर करनी चाहिए। निगम को स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन नहीं काटने चाहिए। नगर परिषद अधिकारियों को इस मसले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो।
रमेश, पुरानी अनाज मंडी निवासी
--स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन कटने पर शहर अंधेरे में डूब जाएगा। ऐसे में आपराधिक वारदातों में भी इजाफा होगा। इसलिए दोनों विभागों को आपस में जल्द से जल्द तालमेल कर मामले को निपटा लेना चाहिए। इससे लोगों को असुविधा नहीं होगी।
सत्यावान, वार्ड दो निवासी
--वार्डों में एक तो पहले ही स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं और अब स्थायी तौर पर कनेक्शन काटने से लोगों को और तकलीफें होंगी। दोनों की आपसी खींचातानी में जनता का नुकसान है। इस बात को जहन में रखते हुए मामले का निपटान जल्द करना चाहिए।
राजू, वार्ड 17 निवासी
वर्जन:
हमने नगर परिषद अधिकारियों को पत्र लिख दिया है। बिजली बिल की अदायगी के लिए 14 दिन का समय हमने दिया है। इस दौरान अगर उन्होंने इस मामले में रुचि नहीं ली तो 15वें दिन हम स्ट्रीट लाइटों के बिजली कनेक्शन काट देंगे।
विक्रम परमार, एसडीओ
वर्जन:
हमारा भी करीब दो करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स निगम की तरफ बकाया है। हमें पत्र मिला है लेकिन इसमें स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने का जिक्र नहीं है। निगम जो बिजली बिल की राशि बकाया बता रहा है उसमें हमें दरों पर कुछ पैसे की छूट भी मिली है।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद