करीब ढाई साल बाद ईएनटी ने किया ज्वॉइन, नहीं भटकेंगे नाक, कान, गले के मरीज
भिवानी।
सामान्य अस्पताल में करीब ढाई साल बाद उन्हें सामान्य अस्पताल में नाक, कान, गले से संबंधित बीमारियों का इलाज मिलेग सकेगा। ईएनटी स्पेशलिस्ट ने सामान्य अस्पताल में ज्वाइन कर लिया है। इसके अलावा दो मेडिकल ऑफिसर भी आ गए हैं। मगर, इमरजेंसी के दो चिकित्सकों के ट्रांसफर से इमरजेंसी की व्यवस्था बिगड़ गई है। बुधवार को लगातार दो शिफ्टों में सीनियर डॉक्टर ड्यूटी करते हुए नजर आए।
सामान्य अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती थी। डॉ. रणदीप पूनिया के सीएमओ बनने के बाद से यहां कोई ईएनटी स्पेशलिस्ट नहीं था। यहां आने वाले मरीजों को पीजीआई रोहतक भेज दिया जाता था। इसके बाद मरीज या तो पीजीआई चले जाते थे या निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर थे। ग्रामीण क्षेत्र के लोग या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इस कारण परेशानी होती थी। अब सामान्य अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. दीपक ने ज्वाइन कर लिया है। बुधवार से उन्होंने ओपीडी में मरीज भी देख। उनके अलावा डॉ. राकेश अरोड़ा और डॉ. विवेक अरोड़ा ने भी ज्वाइन किया है। दोनों ही मेडिकल ऑफिसर है। डॉ. विवेक अरोड़ा को फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य की सहायता के लिए ओपीडी के कमरा नंबर-18 में जिम्मेवारी सौंपी गई।
सीनियर ने संभाली इमरजेंसी
ओपीडी में फिजिशियन कक्ष में ड्यूटी देने वाले मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रवीण बुधवार को दिनभर इमरजेंसी में ड्यूटी देते नजर आए। सुबह की शिफ्ट के अलावा शाम की शिफ्ट में भी उन्होंने ड्यूटी दी। इमरजेंसी से डॉ. जयप्रकाश और एक महिला चिकित्सक का ट्रांसफर हो गया है। इसके अलावा आरएमओ डॉ. प्रदीप का भी ट्रांसफर हो गया है। ऐसे में डॉ. प्रवीण और एक अन्य मेडिकल ऑफिसर को इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ रही है।
सामान्य अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट डा. दीपक ने ज्वाइन कर लिया है। अब मरीजों को नाक, कान, गला संबंधित बीमारियों का इलाज भी मिलेगा।
डॉ. रघुवीर शांडिल्य, प्रधान चिकितसा अधिकारी