अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। वैश्य संस्था के निर्वाचन मंडल ने भले ही नया आरओ नियुक्त कर दिया हो, लेकिन अभी भी उनकी नियुक्ति पर संशय है। अवकाश के चलते सोसायटी रजिस्ट्रार इस पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। अंतिम निर्णय के लिए मामले को स्टेट रजिस्ट्रार के पास भेजा जाएगा। वहां से मुहर लगने के बाद नए आरो की नियुक्ति मानी जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से वैश्य संस्था सुर्खियों में हैं। 2 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर पूरी जद्दोजहद चल रही है। आरओ विजय गुप्ता और प्रधान राजेंद्र बंसल ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वार्ड 71 से विजय गुप्ता के चुनाव लड़ने के कारण उनकी आरओ की नियुक्ति पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में तीन दिन पहले विजय गुप्ता ने निर्वाचन मंडल को अपना इस्तीफा देकर नए आरओ को नियुक्त करने की मांग की थी। सभी की सर्वसम्मति के बाद ओमप्रकाश गुप्ता का नाम तय कर दिया गया, लेकिन नए आरओ की नियुक्ति के लिए जिला रजिस्ट्रार की मुहर लगना जरूरी है। फिलहाल सार्वजनिक अवकाश के चलते जिला रजिस्ट्रार इस पर कोई भी निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। संस्था का यह मामला पूरी तरह से विवादित है। ऐसे में कोई भी निर्णय लेना गले की फांस बन सकता है। ऐसे में जिला रजिस्ट्रार भी चंडीगढ़ बैठे आला अधिकारी स्टेट रजिस्ट्रार की अनुमति के बाद कोई फैसला नहीं लेना चाहते। अवकाश के बाद मंगलवार को कार्यालय खुलेंगे। इसके बाद मामले को स्टेट रजिस्ट्रार के पास भेजा जाएगा और वहां से फैसला आने के बाद ही ओमप्रकाश गुप्ता को आरओ माना जाएगा। विजय गुप्ता का कहना है कि तब तक आरओ का कार्यभार मेरे पास ही रहेगा।
स्टेट रजिस्ट्रार की अनुमति के बाद ही होगा कोई निर्णय
नए आरओ की नियुक्ति को लेकर संस्था की तरफ से पत्र आया है। अब इस मामले को लेकर स्टेट रजिस्ट्रार की अनुमति के बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। अभी नए आरओ की नियुक्ति को वैध नहीं माना जा सकता।
- राजेश खेड़ा, जिला रजिस्ट्रार।
समाज को गुमराह करने के लिए नए आरओ की नियुक्ति की गई है। विजय गुप्ता या निर्वाचन मंडल को अधिकार नहीं है कि अपने स्तर पर आरओ नियुक्त कर दें। जब तक इस पर जिला रजिस्ट्रार मुहर नहीं लगाएंगे तब तक नए आरओ मान्य नहीं होंगे। यह सोची समझी योजना है।
- सुरेश गुप्ता, वार्ड-7 के प्रत्याशी।