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लगातार बारिश से फेल हुआ सीवरेज सिस्टम

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लगातार बारिश से फेल हुआ सीवरेज सिस्टम
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चरखी दादरी। लगातार बारिश होने और ट्रीट पानी इस्तेमाल नहीं होने से शहर का सीवरेज सिस्टम फेल हो रहा है। शहर के दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के दूषित पानी का प्रबंधन न होने की वजह से समस्या पैदा हो गई है। बारिश होने पर सीवरेज की मेन पाइप लाइनों से दबाव नहीं बन पाता। पानी का समायोजन न होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस समय एसटीपी के दूषित पानी का प्रबंधन नहीं हो रहा है। हालांकि बीच-बीच में सीवरेज पानी को फिल्टर तो कर दिया जाता है लेकिन इस पानी का कही इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इससे समय-समय पर प्लांट में सीवरेज पानी का स्टोरेज बढ़ जाने से सीवरेज की मेन लाइनों का दबाव कम हो जाता है। इसकी वजह से मेन लाइन का पानी बैक मारने लगा है।
शहर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित दादरी-दिल्ली बाइपास के समीप गांव रामनगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बने हैं। इन प्लांटों में शहर का दूषित पानी जाता है। जब यह ट्रीटमेंट बने थे उस समय इन क्षेत्रों के किसान सिंचाई कर लेते थे लेकिन अब यह एरिया धीरे-धीरे आबाद होने लगा है। अब खेतों में चव्वे की समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में किसान अब इस सीवरेज के ट्रीट हुए पानी से सिंचाई भी नहीं कर रहे हैं। अब पानी का इस्तेमाल न होने से सीवरेज संबंधी समस्या होने लगी है। हालात यह कि अब तेज बारिश होने पर शहर की सीवरेज व्यवस्था ओवरफ्लो होने लगते हैं। आसपास बस्ती होने की वजह से दूषित पानी से 24 घंटे दुर्गंध बनी रहती है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ने लगा है। विभाग ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रपोजल तैयार किया था। इसके तहत इस सीवरेज पानी को ड्रेन नंबर आठ में डाले जाने की प्लान तैयार की गई थी। इसके लिए विभाग ने करीब 25 किलोमीटर की लंबाई में लोहे की लाइन बिछाए जाने की प्लानिंग की थी। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए 28 करोड़ का एस्टीमेट भी तैयार किया था। यह प्रपोजल सैनेटरी बोर्ड की मीटिंग में भी दो बार रखा गया था लेकिन मंजूरी नहीं मिली।
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सीएम से नहीं मिली थी मंजूरी
18 सितंबर 2016 को सीएम की रैली में भी यह प्रोजेक्ट रखा गया था। लेकिन सीएम ने इस प्रोजेक्ट पर ध्यान न देते हुए शहर के बाहरी क्षेत्र में ड्रेन निर्माण करवाए जाने की घोषणा की।
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ड्रेेन निर्माण का प्रोजेक्ट भी हुआ कैंसिल
किसानों द्वारा खेतों की जमीन दिए जाने से इन्कार करने के बाद जिले में बड़ी ड्रेन के निर्माण का प्रोजेक्ट भी पिछले दिनों रद्द हो गया। यह ड्रेन 90 करोड़ में 63 हजार फीट लंबाई में बननी थी ताकि इन दोनों एसटीपी का दूषित पानी इन ड्रेन में डाला जा सके औरशहर की सीवरेज व्यवस्था भी बाधित न होने पाए। अब यहां एसटीपी से हालात बेहद खराब होने के आसार बन गए हैं। गांव कनीना रोड पर रामनगर व दिल्ली रोड पर बने यह एसटीपी किसानों के लिए समय-समय पर परेशानी पैदा कर रहे हैं। खेतों में दूषित पानी जमा होने पर फसलों की बिजाई भी नहीं हो पाती।
विभाग ने इस इस समस्या के हल के लिए एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज रखा है। मंजूरी मिलने पर जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।
एसडीओ रामपाल, जनस्वास्थ्य विभाग
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