बिजली गुल रहने से नहर ओवरफ्लो, 150 एकड़ खेत जलमग्न
चरखी दादरी।
घिकाड़ा पंप हाउस (आरडी-जीरो) की बिजली 22 घंटे गुल रहने से लोहारू कैनाल वीरवार सुबह ओवरफ्लो कर गई। इससे नहरी पानी पगडंड़ी के जरिए किसानों के खेतों में जमा हो गय और नहर के दोनों तरफ करीब 150 एकड़ जमीन जलमग्न हो गई। खेतों के साथ पंप हाउस की मोटरें भी पानी में डूब गई। खेतों में जलभराव की सूचना मिलते ही एसडीएम ओमप्रकाश सिंह ने बिजली निगम व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इनके बाद निगम ने पंप हाउस फीडर की बिजली सप्लाई को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चालू किया। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बाधित हुई पंप हाउस की बिजली सप्लाई वीरवार सुबह साढ़े दस बजे जाकर बहाल हुई। इससे पहले
जिले में बुधवार को आई ओलावृष्टि व तूफान के चलते घिकाड़ा पंप हाउस के लिए बिछाए गए स्वतंत्र आरडी-जीरो फीडर के चार बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इनके चलते पंप हाउस फीडर की बिजली सप्लाई भी प्रभावित हो गई। बाकरा हैड से तीन दिन पहले ही लोहारू कैनाल में पानी छोड़ा गया था और फिलहाल नहर में 600 क्यूसेक पानी चल रहा था। बुधवार को करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन बजे नहरी पानी की सप्लाई पीछे से बंद करवा दी। इसके बावजूद भी पंप हाउस पर पानी का उठान न होने से नहर बैक मार गई। इससे नहरी पानी ओवरफ्लो कर पहले पगडंडी और फिर गांव रावलधी के ग्रामीणों के खेत तक पहुंच गया। वीरवार सुबह करीब छह बजे किसान मौके पर पहुंचे और पानी को खेतों में जाने से रोकने की कवायद शुरू की।
इससे पहले सिंचाई विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी लेकिन बिजली न होने के चलते अधिकारी भी लाचार नजर आए। करीब सात बजे मामले की सूचना एसडीएम ओमप्रकाश सिंह को भी मिली। उन्होंने सिंचाई विभाग व बिजली निगम के एक्सईएन को जल्द से जल्द स्थिति पर काबू पाने और बाधित सप्लाई को बहाल करने के निर्देश दिए। जब तक प्रशासनिक अमला हरकत में आता करीब 150 एकड़ जमीन पानी से लबालब हो चुकी थी।
पंप हाउस में घुसा पानी, 29 मोटरें बनी शो-पीस
घिकाड़ा पंप हाउस में दो अलग-अलग कमरों में 38 मोटरें लगी हुई हैं। इनमें से फिलहाल 29 वर्किंग में हैं लेकिन एक समय में 24 से 15 मोटरों के जरिए ही पानी की लिफ्टिंग की जाती है। बुधवार रात को ही पंप हाउस के दोनों मोटर कक्ष में नहरी पानी ओवरफ्लो कर घुस गया। इससे यहां एक कक्ष में लगी नौ मोटर में सात व दूसरे कक्ष में लगी 26 मोटरों में से 20 शो-पीस बनकर रह गई। मोटर कक्ष में पानी घुसने के चलते कुछ मोटरें खराब भी हुई हैं। इन्हें दुरुस्त करने के लिए देर शाम तक सिंचाई विभाग की मेकेनिकल शाखा प्रयासरत थी। इन किसानों के खेत हुए पानी से लबालब
गांव रावलधी निवासी किसान दीवान की पांच एकड़, सूबे सिंह की तीन एकड़, जयभगवान की तीन एकड़, जयवीर की दो एकड़, जोकराम की तीन एकड़, लख्मी नारायण की तीन एकड़, वेद प्रकाश की 14 एकड़, मांगेराम की एक एकड़, अमर सिंह की एक एकड़, वेद सिंह की ढाई एकड़, रामभगत की ढाई एकड़, चैनसुख की चार एकड़, भल्लेराम की ढाई एकड़, गणेशी की दो एकड़, रामकिशन की चार एकड़, रामफल की दो एकड़, लीलाराम की तीन एकड़, राजू व हरज्ञान की एक-एक एकड़ जमीन जलमग्न हो गई है। इनमें से कुछ किसानों ने सब्जियां उगा रखी थी जबकि ज्यादातर ने ज्वार की बिजाई कर रखी थी।
एक साल में तीसरी दफा खेतों में पहुंचा नहरी पानी
गांव रावलधी में वीरवार को नहर ओवरफ्लो होने की तीसरी घटना है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल व अक्तूबर माह में नहरी पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंचा था। उस दौरान किसानों की करीब 80 से 90 एकड़ जमीन जलमग्न हुई थी। हालांकि इससे पहले दो दफा नहर ओवरफ्लो करने से पंप हाउस भी पानी भर गया था। बुधवार दोपहर तीन बजे बंद करवाया गया नहरी पानी सिंचाई विभाग शुक्रवार को दोबारा से छुड़वा सकता है। पंप हाउस का पानी निकलने के बाद सबसे पहले मोटरों की जांच की जाएगी।
वर्जन::
बिजली निगम के पोल टूटने की सूचना ेदेने के बाद हमने पीछे से नहरी पानी बंद करवा दिया था। करीब 22 घंटे बिजली गुल रहने से पानी की लिफ्टिंग नहीं हो पाई और इस कारण पानी ओवरफ्लो कर पंप हाउस व खेतों में जमा हो गया। निगम ने अभी वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पंप हाउस की बिजली सप्लाई चालू की है। नहरी पानी बंद करवाने से कुछ पानी हमें कम मिलेगा। नहर में करीब 600 क्यूसेक पानी चल रहा था।
एसडीओ अमर मलिक, मेकेनिकल शाखा, सिंचाई विभाग
वर्जन::
खेतों में जलभराव होने की सूचना उनके वीरवार सुबह आई थी। इस पर संज्ञान लेते हुए मैंने बिजली निगम व सिंचाई विभाग को समस्या के समाधान के निर्देश दे दिए थे। बिजली निगम व सिंचाई विभाग की टीमें व्यवस्था को सुचारु करने पर काम कर रही है।
ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम
वर्जन::
लोहारू कैनाल ओवरफ्लो होने से कई किसानों के खेतों में पानी जमा हुआ है। ऐसी परिस्थिति में हर बार किसानों को समस्या का सामना करना पड़ता है। करीब 150 एकड़ फसल जलमग्न इस बार हुई है। कुछ किसानों ने सब्जियां तो कुछ ने ज्वार की बिजाई कर रखी थी। राजेश पोले, सरपंच प्रतिनिधि