10वीं कक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि-डॉ. गर्ग
-पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए दी जा रही सहायता राशि में सरकार ने 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी की
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। राज्य सरकार ने पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए दी जा रही सहायता राशि में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। योजना के तहत 10वीं कक्षा में अच्छा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत 90 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये, 80 प्रतिशत या अधिक अंक पर 41 हजार रुपये, 70 प्रतिशत या अधिक अंक आने पर 31 हजार तथा 60 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये की एक मुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उपायुक्त डीसी गर्ग ने बताया कि योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की सहायता राशि को तीन हजार से बढ़ाकर आठ हजार, कक्षा नौवीं से 12वीं और आईटीआई के छात्रों की सहायता राशि छह हजार से बढ़ाकर 10 हजार, स्नातक के लिए आठ हजार से बढ़ाकर 15 हजार और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की सहायता राशि 12 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये वार्षिक कर दी गई है। इसके अलावा, श्रमिकों के बच्चों द्वारा निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन और अन्य व्यवसायिक कोर्सों की पढ़ाई का खर्च भी श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से वहन किया जाएगा। इससे पहले केवल यह सुविधा सरकारी संस्थानों में ही दी जाती थी।
इसके साथ ही पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को भी परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, अपंगता पेंशन तथा अन्य सहायता दी जाती है। श्रमिकों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए क्लेम प्रस्तुत करने की निर्धारित समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी है। इसके साथ ही अपंजीकृत श्रमिकों की भी कार्यस्थल पर दुर्घटनावश अपंगता होने पर पहली बार 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है।