आठ एकड़ जमीन के लिए दो बेटों ने पिता को गंडासी से काट डाला था
38 दिन बाद हुआ खुलासा, परवालो के शिव शक्ति आश्रम को दान देना चाहता था मृतक दयाल भाटिया
- सीआईए वन ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक बेटा एडवोकेट तो दूसरा है किसान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। आठ एकड़ जमीन के लिए दो बेटों ने अपने पिता को गंडासी से काटकर शव को करनाल के पश्चिमी यमुना नहर किनारे पटरी पर जंगल में फेंक दिया था। मृतक शिव शक्ति आश्रम परवालो में डेढ़ साल से सेवक था और अपनी 28 एकड़ जमीन में से आठ एकड़ जमीन आश्रम के नाम करने वाला था। घटना 24 अप्रैल की है। इसका खुलासा 38 दिन बाद सीआईए वन की गिरफ्त में आए हत्यारोपी मृतक के दोनों बेटों ने किया। एक बेटा एडवोकेट तो दूसरा किसान है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका पिता आठ एकड़ जमीन आश्रम के नाम करवाने वाला था। तभी उन्होंने प्लान बनाकर उसकी हत्या की। शनिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया। रिमांड में आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त कार, गंडासी बरामद की जाएगी।
कार में किया था पिता का अपहरण
छप्पर थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा खुर्द निवासी दयाल शाह (56) करीब डेढ़ साल से शिव शक्ति आश्रम परवालों में सेवादार था। 22 अप्रैल को वह दूसरे सेवादार बनारसी दास को अपनी गेहूं की फसल कटवाकर मंडी में बेचकर आने की बात कहकर आश्रम से गया था, लेकिन उसके बाद लौटकर नहीं आया था। मामले में बुड़िया थाना पुलिस ने 25 मई को अज्ञात पर अगवा करने का केस दर्ज किया था। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि 24 अप्रैल को दयाल शाह अपने खेत से आठ बैग गेहूं के ऑटो में लेकर आश्रम गया। पुलिस ने ऑटो चालक से पूछताछ की तो उसने बताया था कि पुराना सहारनपुर रोड पर आश्रम से पहले दयाल शाह उसके ऑटो से पेशाब करने के लिए उतरा था। इस दौरान एक काले रंग की कार में वह बैठकर चला गया था। पुलिस जांच में पता चला कि वह कार उसके बेटों की है। इसके बाद उसके बेटों पर शक गया।
सीआइए इंचार्ज मुकेश कुमार ने बताया कि 24 अप्रैल की सुबह मृतक के बेटे एडवोकेट अजय भाटिया और अमन भाटिया अपने पिता दयाल शाह को किडनैप करके घुमाते हुए करनाल के रम्बा क्षेत्र में ले गए। यहां पश्चिमी यमुना नहर किनारे सुनसान क्षेत्र में कार से नीचे उतरे। इस दौरान कार में पहले से रखी गंडासी को अजय भाटिया ने उठाया और दयाल शाह की पीट, गर्दन सहित शरीर पर आठ वार किए। शव की शिनाख्त न हो, इसलिए आरोपियों ने उसकी उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद शव को फेंक दिया।