अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ए ग्रेड रोहतक रेलवे जंक्शन में सुविधाएं और व्यवस्थाएं बेपटरी हो चुकी हैं। हादसों के बाद भी स्टेशन अधीक्षक सबक लेने को तैयार नहीं। सोमवार को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए रैंप न होने के चलते पटरी पार करते समय एक दिव्यांग की मौत हो गई है। उसके बावजूद मंगलवार को यात्री बेफिक्र पटरी पार करते रहे और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। अब ऐसे में दिव्यांगों को सुविधाएं न मिलने पर विकलांग अधिकार मंच ने विरोध जताते हुए स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए सुविधाओं का टोटा है। ए ग्रेड स्टेशन होते हुए भी दिव्यांगों को व्हील चेयर भी नहीं मिलती। रैंप न होने की वजह से प्लेटफार्म के लिए पटरी से पार होकर जाना पड़ता है। दिव्यांगों को होने वाली असुविधाओं को लेकर मंगलवार को विकलांग अधिकार मंच ने प्रदर्शन किया। मंच के सदस्यों ने स्टेशन प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने टिकट खिड़की में लगने वाली लाइन में दिव्यांगों को होने वाली रोजाना की परेशानी का मुद्दा उठाया। विकलांग अधिकार मंच के राज्य सलाहकार नरेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें तमाम सुविधाएं देने की बात तो कही जाती है, मगर यह धरातल पर नहीं उतरती।
रैंप बनाने की मांग
विकलांग अधिकार मंच ने प्लेटफार्म पार करने के लिए ऐसे रैंप की मांग की, जिससे व्हील चेयर के जरिए दिव्यांग एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आसानी से जा सकें।
सोमवार को हुई दुर्घटना को लेकर की नारेबाजी
सोमवार को प्लेटफार्म नंबर दो की तरफ जा रहे युवा दिव्यांग की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई थी। चमेली बाजार में रहने वाला निखिल दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इसी दौरान वह ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गया। विकलांग अधिकार मंच ने इसी बात पर रोष प्रकट किया कि अगर पुल के साथ-साथ एक रैंप भी बनाया गया होता तो इस तरह का हादसा रोका जा सकता था। मंच के सदस्यों ने रैंप को बनाने के लिए जमकर नारेबाजी की।
दिव्यांगों के लिए बना सहायता केंद्र भी खाली
प्लेटफार्म नंबर एक पर दिव्यांगों के लिए बनाया गया सहायता केंद्र खाली रहता है। इस स्थान पर न कोई रेलवे कर्मचारी मिलता है और न सुरक्षाकर्मी।
हर सुविधाओं का दावा
प्लेटफार्म की ओर दिव्यांगों के लिए टिकट खिड़की है और कोई भी दिव्यांग वहां से टिकट ले सकता है। व्हील चेयर बुकिंग ऑफिस में रखी होती है। दिव्यांग के साथ आने वाला कोई भी व्यक्ति यह चेयर ले सकता है। बुकिंग ऑफिस में हर समय दो चेयर मौजूद रहती हैं।
- बीएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक