किराये के मकान में चल रहे भ्रूण लिंग जांच के खेल का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वास्थ्य विभाग रोहतक की टीम ने वीरवार को नरेला स्थित नमन जनरल एंड मैटरनिटी अस्पताल के डॉ. सुभाष जैन के साथी रामकुमार को भ्रूण लिंग जांच मामले में पकड़ा है। आरोपी डॉक्टर अस्पताल के साथ लगते एक किराये के मकान में अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से लिंग जांच करता पाया गया। वहीं टीम के छापे की सूचना लगते ही डॉक्टर फरार हो गया।
सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़ के निर्देशानुसार एक गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई। इसमें टीम ने एक गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए तैयार किया। गर्भवती महिला ने नरेला के रामकुमार से संपर्क किया। रामकुमार मूलरूप से सोनीपत में सलीमसर माजरा का निवासी है। रामकुमार ने जांच के लिए 34 हजार रुपये मांगे। टीम ने इन रुपयों के नंबर नोट कर गर्भवती महिला को दिए और सुबह दलाल के पास भेज दिया गया। नरेला थाना के बाहर दलाल ने महिला को मिलने के लिए बुलाया। यहां पर दलाल से एक और गर्भवती महिला मिलने आई थी। दोनों को लेकर दलाल ई रिक्शा से नमन जनरल एंड मैटरनिटी अस्पताल के सामने पहुंचे। यहां दलाल दोनों महिलाओं को अस्पताल के साथ एक मकान में ले गया। यहां दलाल ने डॉक्टर को 26 हजार रुपये दिए, फिर महिला और डॉक्टर अंदर चले गए। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद रोहतक से गई महिला के गर्भ में लड़का और दूसरी महिला को लड़की बताया। जब मकान के बाहर लोगों ने टीम की हलचल को देखा तो भीड़ एकजुट होने लगी। टीम के छापेमारी की भनक डॉक्टर को लग गई। डॉक्टर ने मशीन को पीछे के खाली प्लॉट में फेंककर फरार हो गया। इस मकान में एक महिला रेखा बतौर केयरटेकर रहती है। उसने बताया कि उसे किसी चीज की जानकारी नहीं है, उसका पति जसबीर रिक्शा चलाता है। वहीं टीम ने ई-रिक्शा चालक पर भी मामले में शामिल होने का शक जताया। वह इस मकान में चार पांच साल से रह रहे थे।
टीम जब नमन अस्पताल में गई तो वहां डॉ. सुभाष जैन की पत्नी डॉ. मुदिता जैन मिली। पूछताछ के दौरान पहले डॉ. मुदिता ने डॉ. सुभाष की पत्नी होने से भी इंकार कर दिया। जब उन्हें अपने पति की फोटो दिखाने की बात कही तो उसने एक फोटो दिखाई, जिसे गर्भवती महिलाओं को दिखाया गया तो उन्होंने पहचानने से इंकार कर दिया। जब दिल्ली पुलिस ने महिला डॉक्टर से सख्ती से बात की तो उसने असली फोटो दिखाया, जिसे दोनों गर्भवती महिलाओं ने पहचान लिया। टीम ने बताया कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान नरेला एसडीएम डॉ. सचिन राणा और पीएनडीटी एक्ट के डॉ. अभिजीत यादव को इसकी सूचना दी थी और वे भी कार्रवाई के दौरान मौके पर थे। टीम में सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़, पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. विकास सैनी, सीनियर ड्रग कंट्रोलर एंड लाइसेंस अथारिटी डॉ. राकेश दहिया, डॉ. संजीव मलिक, डॉ. विशाल चौधरी आदि उपस्थित रहे।
बोली अधिकारी
आरोपी डॉक्टर और दलाल के खिलाफ नरेला थाना में शिकायत दी गई है। इसके साथ ही जांच के दौरान अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जांच मशीन को सील कर दिया है। जांच टीम को दिल्ली के डॉ. अभिजीत यादव और एसडीएम डॉ. सचिन राणा का काफी सहयोग मिला है। दलाल रामकुमार से आठ हजार रुपये बरामद कर उनकी जांच करवा दी गई है।
- डॉ. दीपा जाखड़, सिविल सर्जन, रोहतक