एनजीटी को ठेंगा दिखा उपायुक्त निवास से 200 मीटर दूर खुले में डाला जा रहा दूषित पानी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के लोगों के स्वास्थ्य और एनजीटी के दिशा निर्देशों को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कितना गंभीर है, इसका उदाहरण
हुडा ग्राउंड में डाले जा रहे दूषित पानी का है। हैरानी की बात तो यह है कि यह काम केवल दो दिन से नहीं बल्कि पिछले एक महीने से जारी है। उपायुक्त निवास से 200 मीटर और अपने ही ऑफिस से महज 100 मीटर दूर डाले जा रहे इस दूषित पानी को लेकर हुडा अधिकारी अभी तक अनजान बने हैं। ऐसे में सचिवालय के पास एवं बाईपास पर दूषित पानी डाले जाने के कारण लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है। गौरतलब है कि सीवर के गंदे पानी को खुले में डाले जाने को लेकर फरीदाबाद में एनजीटी हुडा को फटकार लगा चुका है। बावजूद इसके रेवाड़ी में विभाग की मनमानी जारी है।
सेक्टर-तीन और बाईपास स्थित करीब पांच किलोमीटर लंबी सीवर लाइन को साफ करने के लिए हुडा की ओर से करीब एक महीने से सीवर का दूषित पानी निकालकर खुले में डाला जा रहा है। लोगों के विरोध करने पर पानी डालने की जगह बदल दी जाती है। लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहती है। ऐसे में दूषित पानी से जहां मलेरिया एवं डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां होने का खतरा बना है। वहीं दूषित पानी भूजल को भी जहरीला बना रहा है। हुडा की ओर से सेक्टर-3 के सीवर का पानी मोटर लगाकर सचिवालय के पास खाली पड़े हुडा मैदान में डाला जा रहा है। रात दिन मोटर चलने से यहां पर काफी मात्रा में दूषित पानी जमा हो गया है। जबकि इस स्थान से उपायुक्त निवास के साथ सभी कार्यालय महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इतना ही नहीं हुडा कार्यालय भी यहां से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। लेकिन अधिकारियों की मनमानी एवं बदइंतजामी बदस्तूर जारी है।
सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड कर चुका है नोटिफाई
केंद्रीय भूजल वाटर बोर्ड की रिपोर्ट में रेवाड़ी के भूजल में मात्रा से ज्यादा खनिज लवण होने की बात कही गई है। इतना ही नहीं कई जगहों पर व्यक्तियों के लिए पीना तो दूर पशुओं एवं फसल सिंचाई के लिए भी भूजल उपयुक्त नहीं पाया गया है। खोल सहित नाहड़ पर विशेष चिंता जताई गई है। लेकिन हुडा की ओर से खुले में डाले जा रहे सीवर के गंदे पानी से हालात सुधरने की बजाय बिगड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भूजल के खराब होने का कारण सीवर आदि के दूषित पानी के साथ पॉलीथिन आदि से निकलने वाले टॉक्सिक पदार्थ हैं।
पानी निकालने का काम ठेके पर दिया है। बाहर पानी निकालने का मामला संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को मामले की जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। -राजकुमार, एक्सईएन, हुडा
स्वयं जाकर मामले की जांच करूंगा। खुले में पानी डालना गलत है जो भी विभाग ऐसा कर रहा होगा। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण विभाग