रोहतक। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन का 17वां राज्यस्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन 14-15 अक्तूबर को शहर के मातुराम सामुदायिक केंद्र में होगा। इसमें प्रदेश के 500 से ज्यादा चुने गए प्रतिनिधि इसमें भाग लेंगे। सर्व कर्मचारी संघ डिपो कार्यकारिणी की शुक्रवार को रोडवेज डिपो परिसर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रधान नरेश सिवाच की अध्यक्षता में हुई। इसका संचालन सचिव जयकुंवार दहिया ने किया।
राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना व महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने बताया कि सम्मेलन की सफलता के लिए स्वागत कमेटी एवं अन्य कमेटियों का गठन किया जाएगा। सम्मेलन में सरकार की नीतियों और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार ने सहमत हुई काफी मांगों को अभी लागू नहीं किया है, इससे रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है।
इस अवसर पर कर्मचारी नेता सतबीर मुंढाल, प्रदीप हुड्डा, रणबीर दहिया, बलजीत सिंह, जयबीर फौजी, राजीव कुमार, राजपाल पूनिया, नरेश कुमार, पटेल, राजबीर सिंह, जयभगवान, जगबीर सिंह, अमित कुमार, सतीश कुमार व बलवान सिंह ने सरकार की वादाखिलाफी की जमकर आलोचना की।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि परिचालकों व लिपिकों को 35400 वेतनमान देने, चालकों को 54100 वेतनमान देने, चालकों को स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित कर पदोन्नति करने, 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने, कर्मचारियों को 5000 रुपये जोखिम भत्ता देने, विभाग में पक्की भर्ती करने, बकाया 6 वर्ष के बोनस का भुगतान करने, 1992 से 2003 के मध्य लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने आदि मांगों पर अभी भी सरकार गंभीर नहीं है। 265 रूट परमिट निजी हाथों में देने का निर्णय कर सरकार विभाग को सिकोड़ने का काम कर रही है। प्रदेश की जनता की मांग प्राइवेट बसों की नहीं बल्कि हरियाणा रोडवेज में 10 हजार सरकारी बसें शामिल करने की है, ताकि जनता को बेहतर परिवहन सेवा मिलने के साथ 60 हजार बेरोजगारों को स्थायी रोजगार मिल सके।