रोहतक। शहर के पार्कों की देखरेख अब सामाजिक संस्थाएं करेंगी। नगर निगम ने 177 पार्क एनजीओ व रेजिडेट वेलफेयर एसोसिएशन को सौंप दिए हैं। बदले में नगर निगम 4 रुपये प्रति वर्गगज प्रति माह संस्थाओं को देगा। इससे पहले पार्क देखरेख के लिए निजी हाथों में थे, लेकिन 1 जुलाई से ठेका खत्म हो चुका है।
साल 2017 की जनगणना के अनुसार नगर निगम रोहतक की जनसंख्या 5 लाख 12 हजार थी, जो अब बढ़कर साढ़े 6 लाख तक पहुंच चुकी है। शहरों के अंदर भागदौड़ व बढ़ती जनसंख्या के चलते पार्क महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। सेक्टर-1 में ताऊ देवीलाल पार्क, एसपी आवास के सामने मानसरोवर पार्क व नए बस स्टैंड के सामने पंडित श्रीराम शर्मा पार्क सहित 20 के करीब बड़े पार्क हैं। बाकी वार्डों के अंदर 150 से ज्यादा मध्यम व छोटे पार्क हैं। निगम की तरफ से लंबे समय से पार्कों को देखभाल के लिए निजी हाथों में दे रखा था। लोकसभा चुनाव से पहले पार्कों को एनजीओ व आरडब्ल्यूए को देने का निर्णय हुआ था। आचार संहिता के चलते नगर निगम पार्कों को संस्थाओं को नहीं सौंप सका। ऐसे में 30 जून तक पार्क देखरेख के लिए निजी हाथों में ही रहे। 1 जुलाई से पार्कों को निगम ने हर वार्ड के अंदर मौजूद आरडब्ल्यूए को सौंप दिया। जहां आरडब्ल्यूए नहीं हैं, वहां पर एनजीओ को पार्क दिए गए हैं।
सुंदरीकरण निगम कराएगा, बाकी काम संस्थाओं के जिम्मे
पार्कों के अंदर सुंदरीकरण का काम नगर निगम खुद करेगा, लेकिन सफाई के अलावा पौधों की देखभाल का काम संस्थाएं करेंगी। निगम की टीम समय-समय पर पार्कों की जांच करेगी। सोमवार को निगम के संयुक्त आयुक्त विजय सिंह ने अधिकारियों, आरडब्ल्यूए व एनजीओ की बैठक ली। तत्काल प्रभाव से कचरा उठाने की हिदायत दी। बैठक में निगम के एमई मनदीप धनखड़, नगर अभियंता सुनील शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक सुन्दर सिंह व हर्ष चावला, कनिष्ठ अभियंता रमन मलिक, सुमित मलिक, सफाई निरीक्षक सचिन, सहायक सफाई निरीक्षक नरेन्द्र, कृष्ण लाल, सुमित फोगाट, प्रदीप व परमजीत भी मौजूद रहे।
वर्जन
निगम ने 177 पार्क एनजीओ व आरडब्ल्यूए को सौंप दिए हैं। इसके बदले निगम हर माह 4 रुपये प्रति वर्ग भुगतान करेगा। साथ ही बागवानी विभाग पार्कों की निगरानी रखेगा।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम