आटो मार्केट एसोसिएशन ने मांगी दुकानों के आगे 15 फुट जगह , सीएसई बोले कमिटमेंट नहीं
सिरसा। नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रुप से सोमवार को शहर की आटो मार्केट में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। पहले दस्ते ने बाजारों में चक्कर लगाया, इसके बाद आटो मार्केट पहुंचा। हालांकि पहले दिन किसी भी दुकानदार का चालान नहीं काटा गया, लेकिन ट्रक आपरेटरों को पार्किंग से ट्रक हटाने और मैकेनिकों को मशीनें दुकान के अंदर करने की चेतावनी जारी कर दी गई। इस दौरान आटो मार्केट में अतिक्रमण न करने के लिए एसएचओ अनिल सोढी, नप के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर देवेंद्र बिश्नोई ने प्रधान विजय बठला, सचिव हरीश सोनी और अन्य दुकानदारों के साथ बैठक की। प्रधान विजय बठला ने कहा कि हम 45 फुट जगह से पीछे 35 फुट तक आ गए है। कम से कम दुकान के बाहर सामान रखने के लिए 10 से 15 फुट जगह दी जाए। आटो मार्केट के दुकानदारों का काम गाड़ियों का है। यदि कोई गाड़ी लाते हैं तो उसे तोड़ने में चार से पांच दिन का समय लगता है। गाड़ी दुकान के अंदर नहीं तोड़ी जा सकती। बाहर ही तोड़ी जाएगी। तब सीएसई देवेंद्र बिश्नोई ने कहा कि वह कमिटमेंट नहीं कर सकता। क्योंकि प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण मुक्त करना है।
जानकारी के अनुसार नप और ट्रैफिक पुलिस का अतिक्रमण हटाओ दस्ता जब आटो मार्केट से कंगनपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर पहुंचा तो सड़क का एक रास्ता करीब दो मीटर तक ट्रकों के रिपेयर के कारण ब्लाक था। मैकेनिक बीच सड़क पर ट्रक की रिपेयर कर रहे थे। तब एसएचओ अनिल सोढ़ी और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर देवेंद्र बिश्नोई ने मेकेनिक महेंद्र सिंह से कहा कि आपने बरामदा कवर करवा दिया। इसके बाद बरामदे से भी दस फुट आगे तक रिपेयरिंग की मशीन लगा दी। आप लोग सड़क की एक रोड पर ट्रक खड़ा करके उसकी रिपेयर कर रहे हो। लोगों के दिमाग में तो यह होगा कि रोड ही नहीं है। उन्होंने मिस्त्री को तुरंत मशीन उखाड़कर अंदर करने के निर्देश दिए। अन्यथा चालान काटने की चेतावनी दी। तब मिस्त्री ने शाम तक का समय मांगा और मशीन हटाने का आश्वासन दिया। दस्ते ने ट्रक रिपेयरिंग का सामान ट्राली में लाद लिया। ट्रक मालिक दस्ते से सामान न उठाने का अनुरोध करता रहा, लेकिन एसएचओ अनिल सोढी ने तल्ख लहजे में उसे चेतावनी दी। तब वह पीछे हट गया। एक निजी शो रूम संचालक कुलवंत सिंह ने एसएसओ से कहा कि हमने मार्केट में दुकानें खरीद कर लाखों रुपये लगाए, लेकिन ट्रक चालक हमारी दुकानों के आगे ही ट्रक पार्क करके चले जाते। दुकानें तो दिखती ही नहीं है। धंधा चौपट हो रहा है। दुकानदार ने उन्हें पिछले कई महीनों से खड़े ट्रक दिखाएं और कहा कि कुछ ट्रक आपरेटर खरीद बेच का काम करते हैं, इसलिए कई कई महीने से ट्रक पार्किंग में ही खड़े रहते हैं। तब फैसला लिया गया कि ट्रकों के चालान किए जाए। दस्ते को देखकर ट्रक यूनियन का एक पदाधिकारी अपनी दुकान बंद करके खिसक गया है। तब एसएचओ अनिल सोढी उस दुकान पर गए। ट्रक आपरेटर का नंबर लिया और उसके कारिंदों को चेतावनी दी गई कि पार्किंग और दुकानों के आगे कोई भी ट्रक नहीं खड़ा न करें। अन्यथा चालान भुगतने के लिए तैयार रहे।
यदि किसी भी दुकानदार ने सरकारी आदमी के कार्य में बाधा डाली तो उस पर एफआईआर दर्ज होगी। तब दुकानदारों ने कहा कि यदि आटो मार्केट से ट्रकों को खड़ा करवाना बंद कर दिया जाए तो इस समस्या का समाधान हो जाएगा। दुकानों के आगे 15,15 ट्रक खड़े रहते हैं। इन्हें हटवाया जाएं। सचिव हरीश सोनी ने नप के दस्ते से कहा कि यहां से ट्राले उठवाकर ले जाओ, सब कुछ ठीक हो जाएगा। हमने अभियान से पहले मुख्य सड़क पर ट्रक वालों को हटने के लिए कहा था, लेकिन उल्टा उन्होंने हमें ही नसीहतें दे दी। तब सीएसई ने ट्रक आपरेटर को फोन किया। आप्रेटर ने कहा कि उसने पार्किंग में ट्रक खड़े किए है तो सीएसई ने जवाब दिया कि यह पार्किंग ट्रकों की खरीद बेच के लिए नहीं है। वहां से ट्रक हटा लो, नहीं तो चालान की कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी।
हमने दुकानदारों और ट्रक आपरेटरों को एक बार अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी है। आटो मार्केट एसोसिएशन से भी बातचीत की है। दुकानदारों ने सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
देवेंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर नगरपरिषद सिरसा।