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अवैध ऑटो पर कार्रवाई के नाम पर लकीर पीट रहा आरटीए विभाग

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अवैध ऑटो पर कार्रवाई के नाम पर लकीर पीट रहा आरटीए विभाग
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आटो.पार्ट चार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर में अवैध ऑटो चालकों की मनमानी चल रही है और संभागीय परिवहन अथॉरिटी (आरटीए) व पुलिस प्रशासन कार्रवाई के नाम पर लकीर पीट रहे हैं। चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति के सिवाय कुछ नजर नहीं आता। इनके न कोई मार्ग नियत हैं और न किराया। बिना फिटनेस दौड़ रहे ऑटो बेधड़क धुआं उगल रहे हैं। इन हालातों से आरटीए विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशाना उठना स्वाभाविक है।
शहर में चलने वाले अवैध ऑटो की वजह से दिल्ली बाईपास, एमडीयू, मेडिकल मोड़, बजरंग भवन फाटक, पावर हाउस, डी पार्क, गोहाना अड्डा, झज्जर चुंगी मोड़, भिवानी स्टैंड, छोटू राम चौक, कोर्ट रोड, पुराना बस स्टैंड, सुभाष रोड, सुखपुरा चौक, जींद चौक पर जाम की समस्या आम हो गई है। इन जगह से गुजरने का मतलब जाम में फंसना। इसकी वजह शहर में करीब 4500 ऑटो का अवैध रूप से चलना। ये ऑटो आसपास के जिलों से आकर सवारियों को ढोते हैं। ये ऑटो शहर में धुआं उगलते रहते हैं। इससे आबोहवा दूषित होती जा रही है। जब जाम में लोग फंसते हैं तो धुएं की वजह से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। वहीं आरटीए विभाग का दावा है कि वह ऑटो की लगातार चेकिंग करते हैं। जिन ऑटो के कागजात पूरे नहीं होते, उनके खिलाफ जुर्माने के साथ-साथ सील करने की भी कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई कब हो जाती है, इसका किसी को कानों कान पता तक नहीं चलता। यही नहीं, अवैध ऑटो का चलना भी कम नहीं होता। इससे आरटीए के कार्रवाई ही सवालों के घेरे में आ गई है।
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दिन पर दिन बढ़ रहे अवैध ऑटो
शहर में अवैध ऑटो की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है जिन पर अंकुश लगाने के लिए आरटीए कोई प्रभावी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है। आरटीए के अनुसार शहर में आठ हजार ऑटो हैं जबकि हरियाणा ऑटो रिक्शा कल्याण संघ के अनुसार करीब 14000 ऑटो चल रहे हैं। इन दोनों बातों से साफ जाहिर है कि शहर में अवैध ऑटो काफी संख्या में चल रहे हैं।
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अवैध ऑटो पर अंकुश लगाने के लिए आरटीए और पुलिस के सहयोग से ऑटो पर स्टीकर लगाए जा रहे हैं। स्टीकरों के लगने के बाद दूर से ही स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा ऑटो अवैध रूप से चल रहा है। स्टीकर लगाने से पहले ऑटो के सारे दस्तावेज और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस चेक किया जा रहा है।
-ओमप्रकाश मोर, एआरटीए रोहतक
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