एमएलआर, पीआई व डेथ रिकार्ड जमा कराने के मुद्दे पर विरोध
डॉ. संदीप कर रहे हैं अड़चन पैदा : आरडीए
मैं दे रहा हूं अपने पद से इस्तीफा : डीएमएस
अमर उजाला बयूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में एमएलआर, पीआई व डेथ रिकार्ड जमा कराने के मुद्दे पर आरडीए ओर डीएमएस आमने सामने हो गए हैं। एक ओर आरडीए ने स्पष्ट कहा है कि डॉ. संदीप बेवजह की अड़चन पैदा कर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो वह हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं डीएमएस डॉ. संदीप का कहना है कि वह एमआरडी इंचार्ज होते हुए कानून की अवहेलना नहीं होने देंगे। इस लिए वह अपने इस पद से ही त्याग पत्र दे रहे हैं।
शुक्रवार को जारी प्रेस बयान में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रधान डॉ. जंगबीर ग्रेवाल ने कहा कि मेडिको लीगल केस, पुलिस इंफार्मेशन और डेथ रिकार्ड फाइल सेंट्रल रजिस्ट्रेशन कार्यालय में मार्च तक सभी डॉक्टर सही तरीके से जमा करा रहे थे। पांच अप्रैल को डॉ. संदीप ने गैर कानूनी तरीके से चिकित्सा अधीक्षक के लेटर पैड पर निर्देश जारी किया कि फाइल के साथ डॉक्टर आधार कार्ड की कापी भी जमा कराएं। डॉक्टर आधार कार्ड को जमा कराने का विरोध करते हैं। इस संबंध में 9 मई को कुलपति डॉ. ओपी कालरा से बात हो चुकी है। यहां माना गया कि यह गलत है इस फैसले को वापस कराया जाएगा। फाइलें पुराने तरीके से जमा होंगी, जब तक कुलपति कार्यालय की ओर से कोई निर्देश नहीं आते। इस बीच में वह चिकित्सा अधीक्षक से मिले तो एक नया नोटिस आया कि डॉक्टर अपना कोई भी पहचान पत्र फाइल के साथ जमा कराएं। इस पर आरडीए ने कुलपति से दुबारा बात की, इस पर अधिकारी ने पांच दिन का समय मांगा। पांच दिन बाद कुलपति ने तीन दिन का समय और मांगा। 31 मई को कुलपति ने निर्णय लिया कि डॉक्टर कॉलेज की आईडी पर फाइल जमा करा सकते हैं। शुक्रवार सुबह जब फाइल जमा कराने सभी डॉक्टर पहुंचे तो सीआर कार्यालय ने इसे लेने से मना कर दिया और कहा कि डॉ. संदीप ने फाइल लेने से मना किया है। इसके चलते सायं चार बजे तक डॉक्टर वही बैठे रहे और बगैर फाइल जमा कराए लौट आए। जब इस संबंध में कुलपति से बात करने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वह बैठक में हैं। इस पर प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फाइलों को लेकर कोई अड़चन आती है या कानूनी कार्रवाई होती है तो इसके जिम्मेदार डॉ. संदीप होंगे और मजबूरी में आरडीए को हड़ताल करनी पडे़गी।