कोर्ट में पेश न होने पर वकील प्रदीप मलिक का लाइसेंस एक साल के लिए सस्पेंड
- मलिक बोले - चेंबर निर्माण मुद्दा उठाया तो साजिश रचकर की कार्रवाई
- कुंइू बोले - आरोप बेबुनियाद, मुझे तो आज ही पता चला कार्रवाई का
- अहलावत बोले - मेरे से पहले के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने लिया था
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने जिला बार के वकील प्रदीप मलिक का लाइसेंस एक साल तक सस्पेंड कर दिया है। मलिक पर यह कार्रवाई क्लाइंट की तरफ से अदालत में पेश न होने पर की गई है। मलिक का कहना है कि उसके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है। एक साल तक ऑर्डर रोक कर रखे गए। अब रोहतक बार में चेंबर निर्माण मामले को उठाने पर यह कार्रवाई की गई है।
बार काउंसिल की तरफ से जारी पत्र 926 टू 936/2018 में लिखा गया है कि बार काउंसिल की अनुशासन समिति के अंदर इंक्वायरी नंबर 56-16 चल रही थी। कुरुक्षेत्र जिले के पीपली निवासी चुन्नीलाल ने शिकायत दी थी कि वकील फीस लेने के बाद उनकी तरफ से अदालत में पेश नहीं हुए। इसके चलते अनुशासन समिति वकील प्रदीप मलिक चैंबर नंबर 162 को 8 मई 2018 से एक साल के लिए डी बार करती है।
एक साल रोके रखा ऑर्डर, आखिर क्यों
बार के वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि शिकायतकर्ता के बेटे को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। चुन्नीलाल ने उनसे आकर बात की। ढाई लाख में फीस लेने की बात हुई। पहले 5 हजार रुपये दिए, जो बाद में 40 बताए गए। उन्हाेंने अपना वकालतनामा दे दिया। इसके बाद जल्द जमानत के लिए दबाव बनाया गया। मैंने कहा कि पीसी एक्ट के मामला है, एक सप्ताह से पहले जमानत अर्जी नहीं लगा सकते। इससे चुन्नीलाल नाराज हो गए और कुरुक्षेत्र से दूसरा वकील ले आए। मैंने कहा कि आपने पांच हजार फीस दी है, ऐसे में वकालतनामा भी दे चुका हूं। इसके बाद चुन्नीलाल ने बार काउंसिल में शिकायत कर दी। एक साल पहले उन्हें बार के निवर्तमान प्रधान दीपक कुंडू मिले और बताया कि वे चंडीगढ़ गए हुए थे। बार काउंसिल की तरफ से उनके खिलाफ यह आर्डर जारी होने वाला है, जिसे मैंने रुकवा दिया है। अब जब मैंने रोहतक बार में बने चेंबर निर्माण की जांच का मामला उठाया तो आर्डर जारी करवा दिए गए। मुझे पता चला है कि फैसला 21 मई 2017 को लिया गया था, लेकिन आर्डर 4 मई 2018 को डिस्पैच किए गए हैं। जो उन्हें 8 मई को चेंबर में मिले हैं।
बार चेंबर निर्माण को लेकर हाउस को पूरे रिकॉर्ड से अवगत करवाया जा चुका है। साथ ही प्रदीप मलिक का लाइसेंस एक साल के लिए बार काउंसिल ने सस्पेंड किया है। इस मामले से उनका कोई मतलब नहीं है। मैं तो उस समय की अनुशासन समिति के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा को जानता तक नहीं। मुझे पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।
- दीपक कुंडू, पूर्व प्रधान जिला बार
बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने रोहतक बार के वकील प्रदीप मलिक का लाइसेंस एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला उनसे पहले के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने लिया था। मेरा इस मामले कोई संबंध नहीं है।
- बिजेंद्र अहलावत, चेयरमैन बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट