हक मांग रहे दुकान मालिकों पर शांति भंग का केस दर्ज, गिरफ्तार कर भेजा थाने, पांच घंटे बाद मिली जमानत
- दुकान मालिकों का आरोप : पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन उठाया, मॉल मालिक एवं दुकानदारों की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
- स्काईटेक मॉल के दुकान मालिकों और मॉल मालिक के बीच किराया नहीं देने और रजिस्ट्री नहीं कराने को लेकर चल रहा है विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अपने हक की मांग कर रहे स्काईटेक मॉल के दुकान मालिक शांति भंग करने के आरोप में धरने के छठवें दिन गिरफ्तार कर लिए गए। वीरवार को पुलिस की मौजूदगी में मॉल के अंदर धरना नहीं दे पाने पर दुकान मालिक बाहर सड़क पर ही विरोध में बैठ गए। पुलिस ने उन्हें जबरन धरने से उठाया गया और शांतिभंग का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें अर्बन स्टेट पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां से उन्हें पांच घंटे बाद जमानत दे दी गई। दुकानदारों ने रोष जताते हुए कहा कि शहर में रोज धरना प्रदर्शन होते हैं, जबरन दुकानें बंद कराई जाती है, लेकिन उन पर इतनी जल्दी शांतिभंग का केस दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी नहीं होती।
स्काईटेक मॉल मालिक और मॉल में दुकान खरीदे वालों के बीच विवाद चल रहा है। दुकान मालिकों ने मॉल मालिक को ही अपनी दुकानें एक एग्रीमेंट के तहत दे रखीं थी, जिसे उसने किराए पर उठाया है। एग्रीमेंट के तहत मॉल मालिक ही किराया वसूलकर दुकान मालिकों को देगा, लेकिन यह किराया दुकानदारों से वसूला तो जा रहा है, लेकिन दुकान मालिकों को नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि दुकान मालिकों को उनकी दुकान की रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। यह विवाद आरक्षण आंदोलन में मॉल को हुई क्षति के बाद चल रहा है। गत 14 अप्रैल से मॉल मालिक के विरोध में 40 दुकान मालिक मॉल के अंदर ही धरने पर बैठ गए।
बुधवार को दुकान मालिकों ने अपनी दुकानों पर ताले लगा और वीरवार की सुबह 10 बजे रोज की तरह मॉल में धरना जारी रखने पहुंचे। इस दौरान मॉल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात मिली। मॉल के अंदर जाने नहीं दिया गया, जिस पर दुकान मालिक सड़क पर बैठ गए। पुलिस और दुकान मालिकों के बीच नोकझोंक हुई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दुकान मालिकों को धरने से जबरन उठाया और पुलिस वैन में डालकर अर्बन स्टेट थाने लेकर आए। दोपहर तीन बजे वकील के जरिए दुकान मालिक राजबाला, संदीप कुमार, राजवंती खोखर, ओपी मलिक, नरेश खोखर, पवन कुमार, राजपाल दहिया, विजेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, राकेश, शमशेर सिंह की जमानत हुई। उनका आरोप है कि पुलिस ने मॉल के दबाव में जबरन धरने से उठाया और शांतिपूर्ण धरना देने बावजूद शांति भंग की धारा लगाते हुए गिरफ्तार किया।
डायबिटीज और हार्ट पेशेंट को घंटों बैठाए रखा, खाना तक नहीं दिया
दुकान मालिक राजेश खोखर ने बताया कि राजपाल दहिया हार्ट पेशेंट हैं जबकि शमशेर सिंह को डायबिटीज है। राजपाल दहिया को दवा नहीं लेने दी गई और शमशेर सिंह को खाना तक नहीं दिया गया। डायबिटीज के मरीज को भूखा नहीं रहना चाहिए, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनीं। दवा तक नहीं लेने दी गई।
दुकान मालिकों का आरोप महिलाओं को पुरुष पुलिसकर्मियों से धरने उठवाया, पुलिस बोली - 20 महिला पुलिसकर्मी थीं मौजूद
दुकानदारों का आरोप है कि महिला दुकान मालिकों को पुरुष पुलिसकर्मियों के जरिए जबरन धरने से उठवाया गया। पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है। अर्बन थाना एसएचओ रवींद्र ने बताया कि यह आरोप निराधार है। महिलाओं को देखते हुए वहां पर 20 महिला पुलिसकर्मियां मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मॉल मालिक और दुकानदारों की शिकायत पर कार्रवाई की।
लीगल एक्सपर्ट के साथ मीटिंग के करेंगे दुकान मालिक, जिसके बाद लेंगे आगे का फैसला
दुकान मालिकों ने बताया कि अब पूरे मामले में शुक्रवार को लीगल एक्सपर्ट के साथी मीटिंग करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए फैसला लिया जाएगा। लीगल एक्सपर्ट के साथ ही मीटिंग के बाद ही पता चलेगा कि हमारे पास कार्रवाई के लिए कौन से विकल्प मौजूद रहें।