राजनीतिक पार्टियों के बयानों में खो रही ‘एसवाईएल’
- भाजपा, कांग्रेस और इनेलो एसवाईएल को लेकर एक दूसरे पर लगा रही आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा-पंजाब के बीच उलझा सबसे गंभीर मसला सतलुज-यमुना-लिंक नहर राजनीतिक पार्टियों के बयानों में खोती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट भले ही हरियाणा के पक्ष में फैसला सुना चुकी है, इसके बावजूद इस पर राजनीति और राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। भाजपा, इनेलो व कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर एक-दूसरे को घेरने में कभी पीछे नहीं हटते। जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश हर बार प्यासा रह जाता है। वीरवार को इस मुद्दे पर प्रतिपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने जहां भाजपा और कांग्रेस को आडे़ हाथों लिया, वहीं भाजपा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने इनेलो और कांग्रेस पर सवाल खडे़ कर दिए। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दोनों ही नेताओं के बयानों को झूठ का पुलिंदा करार दिया।
एसवाईएल को लेकर सभी दल और संगठन हों एकजुट, आंदोलन एक मई से : अभय
नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एसवाईएल मामले पर प्रदेश के सभी दलों व संगठनों को एक मत होना चाहिए। एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर दिखा देना चाहिए कि वह अपने हक का पानी ले कर रहेंगे। इसके साथ ही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट को भी संज्ञान लेना चाहिए। यदि हरियाणा-पंजाब की सरकार उसके आदेशों की अवमानना करती है तो इन्हें भी तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। वह प्रदेश की बार एसोसिएशन, खाप और यूनियनों से अपील करते हैं कि वह इस मुद्दे पर एक दिन की मिलकर सांकेतिक हड़ताल करे और इस संबंध में प्रस्ताव पास कर सुप्रीम कोर्ट को भेजे। क्योंकि वह खैरात या भीख नहीं, अपना एसवाईएल का अपना हक मांग रहे हैं। यदि एसवाईएल हरियाणा में नहीं आती तो प्रदेश 100 प्रतिशत डार्क जोन में चला जाएगा, इसके बाद सभी के लिए पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
वीरवार को जिला बार एसोसिएशन के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान प्रतिपक्ष के नेता ने सीएम मनोहर लाल खट्टर के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें पंजाब के रास्ते पाकिस्तान जा रहे पानी को रोकने का आग्रह करने की बात कही गई थी। इस पर इनेलो नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला साफ तौर पर हरियाणा के हक में है। ऐसे में इस तरह के बयान जारी कर मामले को पेचीदा नहीं बनाना चाहिए, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सख्ती से लागू कराना चाहिए। अगर पंजाब सरकार विरोध करे तो वह बर्खास्त होनी चाहिए। वहीं उन्होंने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि हुड्डा प्रदेश के हितों की बात करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जब हरियाणा का निर्माण हो रहा था तो पूर्व सीएम के पिता चौधरी रणबीर सिंह संयुक्त पंजाब में मंत्री थे। उन्होंने हरियाणा का अलग से निर्माण करने का विरोध किया था, इसका लिखित प्रमाण भी है। इसके अलावा बात यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की करें तो वह पहले ऐसे कमजोर मुख्यमंत्री है जो अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री से मिलने तक का आज तक समय नहीं ले पाए। अब एसवाईएल मुद्दे को लेकर इनेलो एक मई से जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी और हर हाल में हरियाणा के लोगों को एसवाईएल का पानी दिलवाएगी।
केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार फिर भी कामकाज छोड़कर कर रहे उपवास
अभय चौटाला ने कहा कि एसवाईएल के लिए वह प्रदेश के सभी वकीलों से इस मामले की पैरवी करने में सहयोग मांगने आए हैं। सभी बार एसोसिएशन भी इस संबंध में अपना प्रस्ताव पास करके सुप्रीम कोर्ट को भेजें। इनेलो एसवाईएल के लिए हर लड़ाई लड़ रही है और एक मई से जेल भरो आंदोलन शुरू होगा। इस संबंध में सूबे के मुख्यमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। वहीं भाजपा व कांग्रेस के उपवास पर चुटकी लेते हुए अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस अलग-अलग टोलियां बनाकर उपवास कर रहे हैं। इसमें कौन सी कांग्रेस असली है, पता ही नहीं चल पा रहा है। भाजपा के पास तो उपवास करने के अलावा कोई काम ही नहीं है। इससे बड़ी क्या बात होगी जब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है और वह कामकाज छोड़कर उपवास कर रही है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में कैटगरी फार्म का विरोध किया और कहा कि इससे बच्चों में हीनता की भावना आएगी। इसके अलावा अभय चौटाला ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में प्रवेश फार्म में माता-पिता का व्यवसाय पूछे जाने का विरोध किया और इस मामले में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा पर निशाना साधा। इस अवसर पर लीगल सैल के प्रदेशाध्यक्ष जसबीर ढिल्लों, सतीश नांदल, अधिवक्ता कृष्ण कौशिक, रविंद्र बखेता, बलवान सुहाग, धर्मपाल मकडौली, इंद्र सिंह ढुल, चांद सिंह सिंधु, लोकेंद्र उर्फ जोजो, विशवेंद्र ढुल, पुनित पुनिया, किरण श्योराण, मुनीष वर्मा, विनोद अहलावत, दीपक कुंडू, प्रदीप ढाका, भगत सिंह मलिक, जगदीश खत्री, प्रदीप देशवाल, कुलदीप दहिया, प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में है, हमें आंदोलन नहीं प्रतीक्षा करनी चाहिए : धनखड़
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने प्रतिपक्ष के नेता अभय चौटाला के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि एसवाईएल का फैसला अब तक की गई सभी कार्रवाई के मामलों में हर तरफ से हरियाणा सरकार के हक में है। शीघ्र ही इसका लाभ भी प्रदेश के किसानों को मिलेगा। हमें सुप्रीम कोर्ट और अपने संविधान में विश्वास रखना चाहिए। आंदोलन करके हम पंजाब को एक नया रास्ता दिखा देंगे और यह मामला वहां की राजनीति में शामिल हो जाएगा। जब सुप्रीम कोर्ट ने हमारे हक में फैसला दिया है तो हम ही विवाद क्यों कर रहे हैं।
एसवाईएल पर राजनीति करना प्रदेश हित में नहीं : हुड्डा
सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि एसवाईएल प्रदेश के लिए अहम है। इस पर किसी दल को राजनीति नहीं करनी चाहिए और न ही यह प्रदेश के हित में है। एसवाईएल पर इनेलो राजनीति करता है, जबकि वह स्वयं झूठ का पुलिंदा है। हमने शुरू से ही एक बात कही है कि सभी को एक हो कर केंद्र सरकार पर इसके लिए दबाव बनाना चाहिए।