फ्लैग : मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ऐलिवेटिड ट्रैक पर टेढ़ी नजर, अदालत में याचिका दायर कर पूछा
हेडिंग : 54 करोड़ से काम चल रहा तो 315 करोड़ क्यों खर्च कर रही सरकार
अदालत से की काम रुकवाने की मांग, 26 मार्च को होगी स्टे पर सुनवाई
डेढ़ साल में बनना है ट्रैक, 17 मार्च को सीएम करेंगे भूमि पूजन, पिछले साल रेल मंत्री कर चुके हैं शिलान्यास
प्रोजेक्ट आफिसर बोले, नियमों के तहत बन रहा ट्रैक, अदालत में पूछेगी तो दे दिया जाएगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
भाजपा व कांग्रेस के बीच सियासत का अखाड़ा बन चुके सहकारिता मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट एलिवेटिड ट्रैक का काम रुकवाने के लिए दो वकीलों ने सिविल जज संजीव काजला की अदालत में याचिका दायर की है। याचिका में न केवल स्टे की मांग की गई है, बल्कि प्रोजेक्ट से जुड़ा पूरा रिकार्ड मांगा है। रेलवे ने अदालत के नोटिस पर 26 मार्च तक का समय मांगा है, जबकि राज्य सरकार ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है।
याचिकाकर्ता एडवोकेट नवीन कुमार सिंघल व कर्ण सिंह ने फरवरी माह में याचिका दायर की और रेलवे व राज्य सरकार से पूछा कि एलिवेटेड ट्रैक की सर्वे रिपोर्ट, पर्यावरण एनओसी व दूसरी ब्योरा उपलब्ध कराया जाए। याचिकाकर्ता ने बताया कि अदालत के माध्यम से नोटिस भेजने पर रेलवे ने बताया कि पहले दिल्ली व सोनीपत रोड पर आरओबी बनाने की योजना बनी थी, जहां अनुमानित लागत 54 करोड़ तय की गई थी। बाद में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने दिल्ली बाईपास की योजना बनाई। उस समय रेल मंत्री ने भी प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी थी। बाद में नई सरकार आने पर रेलवे को पत्र मिला कि बाईपास की योजना को रद्द कर रेलवे एलिवेटिड ट्रैक को मंजूरी दी जाए। रेलवे ने इसे मंजूरी दे दी। प्रोजेक्ट की फिलहाल 315 करोड़ अनुमानित लागत आंकी गई है, जिसमें रेलवे केवल 90 करोड़ रुपये खर्च करेगी। याचिका कर्ता ने बताया कि भेजे गए जवाब में रेलवे ने पर्यावरण एनओसी, ट्रैफिक सर्वे व दूसरी डिटेल देने के लिए 26 मार्च तक का समय मांगा है। जबकि राज्य सरकार ने अभी कोई जवाब नहीं दिया है।
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17 को सीएम करेंगे भूमि भूजन, 26 को स्टे पर बहस
रेलवे की तरफ से एलिवेटिड रोड बना रही गुड़गांव की इसी कंपनी को रेलवे ट्रैक बनाने के लिए 160 करोड़ रुपये का टेंडर दिया है। 315 करोड़ में से बाकी राशि बिजली निगम, पब्लिक हेल्थ व दूसरे विभागों को दी जाएगी, जो एलिवेटिड ट्रैक के रास्ते में आने वाली सीवरेज, पानी व बिजली लाइन शिफ्ट करेंगे। उधर, याचिकाकर्ता ने रेलवे प्रोजेक्ट को रोकने की मांग की है। इस पर 26 मार्च को ही बहस होगी। जबकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 17 मार्च को प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए भूमि पूजन कर सकते हैं। क्योंकि शिलान्यास एक नवंबर 2017 को तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु कर चुके हैं।
वर्जन
रेलवे ने काम शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी है। 17 मार्च को सीएम भूमि पूजन करेंगे। अदालत में याचिका के बारे में कोई सूचना नहीं है। नियमों के तहत ट्रैक बनाया जा रहा है। अगर कोर्ट द्वारा सूचना मांगी जाएगी तो जवाब दाखिल कर दिया जाएगा।
-प्रदीप रंजन, प्रोजेक्ट आफिसर