नगर निगम की वार्ड बंदी का मामला, कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने लगाया आरोप ---
मंत्री के इशारे पर अधिकारियों ने घोंट दिया लोकतंत्र का गला, अदालत में देंगे चुनौती
- बूथ व कॉलोनियों को दो फाड़ करने वाले कांग्रेसी लोकतंत्र की बात न करें : खुराना
- पंजाबी बहुल वार्डों में कम छेड़छाड़, सत्ता के करीबी भाजपा पार्षदों को ज्यादा फायदा
- कांग्रेसी मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, राजबीर सैनी को सबसे ज्यादा नुकसान
- गहन होम वर्क कर बिगाड़ी कांग्रेसी दिग्गजों की सियासत, जातिगत समीकरण होंगे प्रभावित
- नया एससी वार्ड कलानौर तो सामान्य बनेगा रोहतक हलके में
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्ड बंदी अभी फाइनल भी नहीं हुई कि कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासत तेज हो गई है। शहर से कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा ने स्थानीय विधायक एवं मंत्री मनीष ग्रोवर पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर अधिकारियों ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया।
राजनीति द्वेष के तहत कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों को दो फाड़ कर दिया गया। नक्शा मिलने पर वे वार्ड बंदी को लेकर न केवल आपत्ति दर्ज कराएंगे, बल्कि अदालत में भी चुनौती देंगे। उधर, भाजपा पार्षद अशोक खुराना का कहना है कि कालोनियों को दो फाड़ करने वाली कांग्रेस किस मुंह से लोकतंत्र की बात कर रही है। नियमों के तहत वार्ड बंदी हुई है, अगर किसी को दिक्कत है तो आपत्ति दर्ज कराएं।
कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि संभावित वार्डबंदी के तहत मेयर रेनू डाबला के वार्ड को चार भागों में बांट दिया गया। पांच साल से जिस वार्ड में डाबला ने पैठ बनाई थी, उसे खत्म कर दिया गया है। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर मंजु हुड्डा के वार्ड को तीन भागों में बांट दिया गया। बोहर के साथ सेक्टर 2, 3, ओमैक्स सिटी व बोहर गांव को मिलाकर नया वार्ड बनाया गया है। अब मंजु हुड्डा को चुनाव के दौरान बोहर गांव में पैठ बनानी पड़ेगी। जबकि डिप्टी मेयर अशोक भाटी के वार्ड की सैनिक कालोनी व जेपी कालोनी को वार्ड नंबर 1 में शामिल कर दिया गया। कुछ हिस्से को साथ लगते दूसरे वार्डों में मिला दिया गया।
सैनी बहुल इलाके एससी वार्ड में, विरोध में सैनी समाज की आज पंचायत
कांग्रेस के दिग्गज वार्ड नंबर 1 से पार्षद राजबीर सैनी के वार्ड का पूरी तरह स्वरूप बदल दिया गया है। सैनी बहुल कॉलोनी संजय कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, सैनी आनंदपुरा, गौकर्ण डेरा व रूपनगर को वार्ड नंबर 2 में मिलाया गया है। जो एससी समुदाय के लिए रिजर्व रहा है। जबकि नेहरू कॉलोनी, जींद बाईपास व बर्सी नगर को वार्ड नंबर 3 में मिलाया गया है। वहीं, वार्ड नंबर 16 से जेपी कॉलोनी व सैनिक कॉलोनी को वार्ड नंबर 1 में मिलाया गया है। मामले को लेकर सैनी समाज की गुरुवार को सैनी धर्मशाला में मीटिंग होगी, जिसमें पूरे मामले पर मंथन किया जाएगा। वार्ड निवासी राजेश सैनी का कहना है कि पार्षद राजबीर सैनी का मकान इंदिरा कॉलोनी में है, जिसे वार्ड नंबर 2 में शामिल किया गया है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह भेदभाव बरता गया है। वार्डबंदी को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
पंजाबी बहुल वार्डों में कम छेड़छाड़, भाजपा पार्षदों को ज्यादा फायदा
सूत्रों का कहना है कि नई वार्डबंदी में पंजाबी बहुल वार्ड नंबर 10,11,12 में ज्यादा छेड़छाड़ नहीं हुई है। कांग्रेसी अनीता मिगलानी के वार्ड में 18 वार्ड से शिवाजी कॉलोनी व चावला कॉलोनी जोड़ने की बात सामने आ रही है, जबकि गुलशन के वार्ड से डीएलएफ कॉलोनी बाहर करने की बात चल रही है। खुराना के वार्ड से भरत कॉलोनी को निकाला गया है। वहीं, मंत्री के करीबी भाजपा पार्षदों को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। एससी समुदाय से पूनम किलोई के वार्ड नंबर 18 में पड़ोसी वार्ड 19 के एससी बहुल व कन्हेली गांव को जोड़ा गया है। जबकि कांग्रेसी अनिल कुमार के वार्ड में 20 वार्ड के जाट बाहुल्य एरिया को शामिल किया गया है।
कलानौर को एससी तो रोहतक को मिला सामान्य वार्ड
नई वार्डबंदी के तहत निगम के 20 से 22 वार्ड बनाए गए हैं। इसमें एक नया एससी वार्ड बनाया गया है, जो कलानौर हलके में होगा। जबकि सामान्य वार्ड बोहर गांव के पास निकाला गया है। जो रोहतक हलके में रहेेगा। हालांकि निगम द्वारा अभी फाइनल वार्डबंदी होनी बाकी है।
लग रहा है मंत्री कॉलोनियों के नक्शे उठाकर मोहल्लों में घूमते रहे, कौन से वार्ड में शामिल करवाऊं। सवाल उठता है कि वार्डबंदी डीसी की अध्यक्षता में हुई है या मंत्री की। राजनीतिक द्वेष भावना के तहत एक-एक वार्ड की सीमाएं तय करके लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। एडहॉक कमेटी की मीटिंग में कांग्रेसी मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर को बोलने तक नहीं दिया गया। पहले वार्डबंदी का नक्शा मिलने के बाद आपत्ति दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी संशोधन नहीं किया गया तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
- भारत भूषण बतरा, पूर्व विधायक कांग्र्रेस
मंत्री पर उंगली उठाने वाले कांग्रेसी बताएं कि किस तरह अपने कार्यकाल में वार्डबंदी करके समय कमला नगर को वार्ड नंबर 18 व 19 में बांट दिया। एक किलोमीटर दूर चांद नगर की वोट उसके वार्ड नंबर 10 में शामिल कर दी गई। कांग्रेसियों को लोकतंत्र की बात नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों ने नियमों के तहत आसपास के एरिया को ही शामिल कर या हटाकर वार्डबंदी तैयार की है। अगर कांग्रेसी अदालत में जाते हैं तो उन्हें जवाब दे दिया जाएगा।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
वार्डबंदी का खाका निगम के अधिकारियों ने तैयार किया है। एडहॉक कमेटी की मीटिंग में मेयर पूरी तरह चुप रही। केवल सीनियर डिप्टी मेयर मंजु हुड्डा ने गांवों को शहर से अलग रखने की आपत्ति दर्ज कराई थी। उस आपत्ति को वार्डबंदी के ब्यौरे के साथ चंडीगढ़ भेज दिया गया है।
- डॉ. यश गर्ग, डीसी एवं एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष