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सर्दी का असर, ठेकेदार ने किया सड़क बनाने से मना

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फ्लैग : नगर निगम के जगह के साथ बदल गए मौसम को मापने के मापदंड
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हेडिंग : पूर्व सीएम हुड्डा के वार्ड में ठंड के चलते नहीं बनाई सड़क

- ठेकेदार ने सड़क बनाने की अधिकारियों से मांगी थी लिखित में अनुमति
- अधिकारियों ने लिखकर नहीं दिया तो कर दिया सड़क बनाने से इनकार
- निगम ने बीएंडआर से सुभाष चौक से अंबेडकर चौक तक सर्दी में ही बनवाई है 92 लाख में सड़क
- एक्सईएन बोले, निगम एरिया में अब फरवरी माह में ही बनाई जाएंगी तारकोल की सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। जगह बदलते ही मौसम को मापने के अधिकारियों के मापदंड ही बदल गए। कड़ाके की ठंड के बीच सुभाष चौक से छोटूराम चौक तक 92 लाख की सड़क बनवा दी। जबकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वार्ड नंबर 10 माडल टाउन में 27 लाख की सड़क अब फरवरी माह में बनाई जाएगी।
शहर के सुभाष चौक से छोटूराम चौक तक सड़क को नए सिरे से बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने बीएंडआर को जिम्मेदारी सौंपी थी। बीएंडआर के ठेकेदार व अधिकारियों ने दिसंबर माह में कड़ाके की सर्दी के बावजूद सड़क बना दी। तर्क दिया कि सड़क की क्वालिटी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। दूसरी तरफ दिसंबर माह में ही वार्ड नंबर 10 के माडल टाउन एरिया में 27 लाख की सड़क का काम शुरू नहीं करवाया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का मकान भी इसी वार्ड में आता है। इतना ही नहीं, बरोदा से कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के मकान से तो संबंधित सड़क गुजर रही है। मौसम को मापने के मापदंड एरिया के हिसाब से बदल जाते हैं, निगम के अधिकारी इस मामले में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
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अधिकारियों ने लिखकर नहीं दिया, ठेकेदार ने नहीं लिया रिस्क
दिसंबर माह में निगम की इंजीनियरिंग ब्रांच ने चार खंभे से लेकर गुफा वाले मंदिर, सरकारी स्कूल, कांग्रेसी विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के मकान के सामने से नवजीवन अस्पताल तक जाने वाली सड़क के नए सिरे से निर्माण के लिए टेंडर जारी किया। सड़क निर्माण कार्य दिसंबर माह में ही शुरू होना था, लेकिन ठेकेदार ने ठंड के मौसम में सड़क बनाने से इनकार कर दिया। साफ किया कि ठंड में न केवल सड़क की क्वालिटी गिरेगी, बल्कि तारकोल की लागत भी ज्यादा आएगी। अगर निगम उसकी लागत की भरपाई और क्वालिटी का रिस्क अपनी तरफ से लेता है तो सड़क निर्माण शुरू करने की लिखित अनुमति दे। निगम ने अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया, जिसके चलते सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया।

मैं क्यों लूं रिस्क
सर्दी में तारकोल जल्दी ठंडा होता है, जो सही ढंग से पकड़ नहीं बना पाता। इस कारण जल्दी सड़क से रोड़ियां उखड़ने लगती हैं। टेंडर की शर्तों के तहत लागत राशि का 10 प्रतिशत निगम सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाता है, जो दो साल बाद मिलती है। अगर बीच में सड़क टूट जाए तो ठेकेदार की जिम्मेदारी रहती है। साथ ही ठंड के मौसम में बनी सड़क जल्दी टूटने का खतरा रहता है। उसने निगम प्रशासन ने खुद के रिस्क पर सड़क बनाने की लिखित अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली। इस कारण सड़क नहीं बनाई।
- सुदेश कुमार, ठेकेदार नगर निगम

ठंड के मौसम में निगम प्रशासन ने पूरे एरिया में तारकोल की सड़क निर्माण पर रोक लगा दी है। अब फरवरी माह में ही सड़क बनाई जाएंगी। सुभाष चौक से छोटूराम चौक तक की सड़क निगम बीएंडआर से बनवा रहा है। अब बीएंडआर के मौसम को मापने के क्या नियम हैं, यह तो उनके विभाग के अधिकारी ही बता सकते हैं।
- मंजीत दहिया, एक्सिएन नगर निगम

सुभाष चौक से छोटूराम चौक तक बनने वाली सड़क की खुद जांच की है। सड़क क्वालिटी के हिसाब से ठीक बनी है। अब निगम क्यों नहीं सड़क बनवा रहा, यह तो निगम के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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- प्रदीप रंजन, स्पेशल क्वालिटी कंट्रोल आफिसर एवं पूर्व एसई पीडब्ल्यूडी

पांच सदस्यीय कमेटी की देखरेख में करूंगा काम
लेबर चौक से हरिजन बस्ती तक बन रही सीसी सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार ने बंद कर दिया है। ठेकेदार सुदेश का कहना है कि उसने क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया। बेवजह काम में रोड़ा अटकाया जा रहा है। वे तभी काम शुरू करेंगे, जब निगम के मनोनीत पार्षद मदनलाल और पांच अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की कमेटी मौके पर रहेगी।
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