स्कूल दे रहा सलाह, संगीत नहीं फिजिकल एजूकेशन में बेहतर भविष्य
विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रार से संगीत विषय शुरू करने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कैंपस स्कूल में चल रही राजनीति विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा रही है। यहां स्कूल जबरन विद्यार्थियों को संगीत विषय की जगह फिजिकल एजूकेशन लेने की सलाह दे रहा है। विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि उनका संगीत में बेहतर भविष्य नहीं है। परेशान विद्यार्थियों ने अब एमडीयू के रजिस्ट्रार से स्कूल में संगीत विषय शुरू कराने की गुहार लगाई है।
एमडीयू कैंपस में पिछले नौ सालों से संगीत विषय को टीजीटी शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जबकि 11वीं व 12वीं कक्षा को पीजीटी शिक्षक द्वारा पढ़ाया जाना चाहिए। इस संबंध में स्कूूल की पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर सरिता ने हल निकालते हुए एमडीयू के कुलपति और रजिस्ट्रार से इसकी अनुमति ले ली थी। इस अनुमति के बाद स्कूल की संगीत शिक्षिका ने बड़ी कक्षाओं को भी पढ़ाया। इस विषय में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है। इसके चलते सभी में संगीत विषय लेने का क्रेज बना हुआ है। लेकिन इस सत्र में स्कूल प्रिंसिपल ने संगीत शिक्षिका के पीजीटी न होने का कारण बताते हुए 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए संगीत विषय बंद करवा दिया। इस पर विद्यार्थियों ने मांग की है कि स्कूल में संगीत विषय को बंद नहीं किया जाना चाहिए। अब इसे क्यों बंद किया जा रहा है, जबकि अब तक वहीं शिक्षिका ही इस विषय को पढ़ा रही थी।