अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
विकास होने की उम्मीद लगाए बैठे शहरवासियों को थोड़ा और रुकना पड़ेगा, क्योंकि अभी आपके जन प्रतिनिधि अपने नाम और पहचान वाले सूचना पट्ट लगवाने में बिजी है। अगर आप पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था, बरसाती पानी की निकासी और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर संबंधी समस्या से परेशान हैं तो अभी ये समस्या, समस्या ही बनी नजर आएगी। दिसंबर महीने में एजेंडे में शामिल रहे नगर परिषद के 31 पार्षदों के साइन बोर्ड शहर में विभिन्न जगहों पर उनके आवास के आसपास लग गए हैं। लेकिन जनता की कई मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोई जनप्रतिनिधि गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बेशक लोगों को पार्षदों के पास पहुंचने में होने वाली दुुविधा के नाम पर एजेंडे में शामिल किया यह मुद्दा तब मौजूद पार्षदों ने सर्वसम्मति से पास किया था। लेकिन इससे पहले से शहर की प्रॉपर साफ-सफाई और बरसाती पानी की निकासी के लिए नालों की साफ-सफाई का काम अभी तक अधर में अटका, या यूं कहें कि ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों और कुछ पार्षदों का भी कहना है कि भाजपा समर्थित नप प्रधान की सरकार में वीआईपी काम पहले हो रहा हैं। जबकि विकास काम रुका हुआ है।
ऑटो मार्केट में नाले खोल रोक दिया गया काम
नगर परिषद ने करीब एक सप्ताह पहले बरसाती पानी की निकासी के लिए ऑटो मार्केट में नालों की सफाई का काम शुरू होने की बात कहते हुए नाले खोले थे। लेकिन चंद मीटर तक की दुकानों के बरामदे तोड़ने और नाले खोलने के बाद अब तक नालों की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ। बदबू से परेशान दुकानदार नगर परिषद पहुंचे तो सोमवार को नालों की सफाई का हवाला दिया गया। लेकिन दिन बीतने के बावजूद अभी तक सफाई शुरू नहीं हो सकी है।
अतिक्रमण : बीच सड़क तक पहुंचे वाहन, राहगीर परेशान
वैसे भी ऑटो मार्केट में बाइक सड़क तक आकर लग जाती थीं। लेकिन नालों के खुला होने के चलते बरामदे में बाइक खड़ी करने की जगह नहीं है और अब बाइक बीच सड़क तक जा पहुंची हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन ही निकालने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं ऑटो या कोई चारपहिया वाहन आने पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है। सोमवार और मंगलवार को भी सिटी थाने से सटे इस इलाके में काफी देर तक जाम लगा रहा। जिससे ऑटो मार्केट के दुकानदारों के साथ ही राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अग्रसेन चौक से झज्जर चौक तक नाले का काम भी अटका
बरसात में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए दिसंबर महीने में आयोजित हाउस की मीटिंग में अग्रसेन चौक से झज्जर चौक तक नाले को बनाने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। बात भी वाजिब थी क्योंकि बरसात होने की स्थिति में सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या यहीं मुख्य बाजारों में रहती थी। प्लानिंग हुई कि सड़क के दोनों ओर दो से तीन फुट के कवर्ड नाले बनाए जाएंगे। जो अग्रसेन चौक और झज्जर चौक पर बने बड़े नालों तक जाने थे। लेकिन यह काम भी अभी तक अधर में अटका हुआ है।
सीवर सफाई का काम भी रुका हुआ है। वहीं नगर परिषद नाले भी खोलकर छोड़ गई। कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
-लोकेश, दुकानदार, ऑटो मार्केट
नाले से उठने वाली बदबू से राहगीरों के साथ ही स्थानीय दुकानदारों का भी जीना दूभर है। अगर काम पूरा ही नहीं करना था तो शुरू ही नहीं करते।
-दीपक, दुकानदार, ऑटो मार्केट
नगर परिषद के पास नालों की सफाई के लिए रुके हुए काम को लेकर पहुंचे थे। सोमवार को काम शुरू करने का वादा किया था। लेकिन हुआ नहीं।
-सुरेश, शहरवासी
नाले खोलने के लिए बरामदों को तोड़ा गया, लेकिन काम आधा ही छोड़ दिया गया। अब मैकेनिकों को सड़क पर बाइक सुधारनी पड़ती हैं।
-कुलभूषण, मैकेनिक, ऑटो मार्केट
नगर परिषद ईओ ने पांच दिन पहले काम शुरू किया। लेकिन चंद दुकानों के आगे नाले खोलने के बाद काम को रोक दिया। नाले भी साफ नहीं हुए हैं। शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
-सतपाल यादव, प्रधान, राजीव गांधी ऑटो मार्केट
शहर में विकास के नाम पर भेदभाव हो रहा है। सारा काम रुका हुआ है, वहीं जो काम हो भी रहे हैं उनमें भी तय कीमत से ज्यादा रकम दिखाई जा रही है।
-पवन बठला, उप प्रधान, नगर परिषद
भाजपा समर्थित सरकार आने के बाद से विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। समर्थित पार्षद और प्रधान महज स्वार्थ की राजनीति कर रही हैं। सफाई के नाम पर अभी तक कोई बड़ा काम नहीं हुआ है।
-शकुंतला भांडोरिया, पूर्व प्रधान, नगर परिषद
साइन बोर्ड के लिए प्रॉपर ढंग से एजेंडे में प्रस्ताव रखा था, जो सर्वसम्मति से पास हुआ है। शहर में विकास के लिए सभी वार्डों में एकरूपता रखी है। वहीं रही नालों की सफाई का काम तो उसे भी जल्द ही पूरा किया जाएगा।
-विनीता पीपल, प्रधान, नगर परिषद