अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम ने निजीकरण की ओर एक और कदम बढ़ा दिया है। सफाई और पार्कों की देखभाल के बाद अब कम्यूनिटी सेंटर के नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण, मरम्मत और देखभाल का काम भी निजी एजेंसी करेंगी। इसके लिए 23 जून को टेंडर जारी कर दिया, जिसे 3 जुलाई को खोला जाएगा। यह ठेका कितने रुपये में दिया जाएगा, इसका अभी फैसला नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जो एजेंसी कम राशि में सहमत होगी, उसे टेंडर दिया जाएगा।
रोहतक नगर निगम का सालाना बजट एक अरब रुपये के करीब है। भारी भरकम मशीनरी होने के बावजूद ज्यादातर काम निगम ठेके पर करवाता है। गली, बिल्डिंग से लेकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, पार्कों की देखभाल से लेकर मैन पावर तक निजी हाथों में है। अब निगम एरिया में जितने भी कम्यूनिटी सेंटर हैं, उन्हें भी निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
शहर में 57 कम्यूनिटी सेंटर, संचालन पर सस्पेंस
सूत्रों का कहना है कि निगम एरिया में कुल 57 के करीब कम्यूनिटी सेंटर हैं। इसमें वार्ड नंबर 7, 9 और 20 के अंतर्गत आने वाले गांव बोहर, अस्थल बोहर, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया खुर्द और कलां की चौपाल भी शामिल हैं।
अब तक नगर निगम ही कम्यूनिटी सेंटरों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत से लेकर देखरेख का काम करता रहा है, जबकि संचालन स्थानीय मोहल्ले या कॉलोनी की गठित कमेटी करती रही है। साथ की पार्षद भी संचालन कमेटी में शामिल रहे हैं।
चार कम्यूनिटी सेंटर में अच्छी आमदनी
निगम के अंदर मातूराम कम्यूनिटी सेंटर गांधी नगर, ओल्ड बस स्टैंड कम्यूनिटी सेंटर, डॉक्टर भीम राव अंबेडकर भवन और मॉडल टाउन कम्यूनिटी सेंटर की अच्छी आय हो रही है। मॉडल टाउन कम्यूनिटी सेंटर की ओर से निगम के खाते में एक साल में पौने पांच लाख रुपये जमा करवाए गए हैं।
हाउस ने किया था प्रस्ताव पास, पार्षदों के हाथों में दिए जाएं कम्यूनिटी सेंटर
नगर निगम ने हाउस के अंदर प्रस्ताव पास किया था कि शहर के जितने भी कम्यूनिटी सेंटर हैं, उनके संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय कमेटी को दी जाए, इसमें पार्षद भी होने चाहिए।
टेंडर मेरे नोटिस में नहीं, कल आयुक्त से करूंगी बात
कम्यूनिटी सेंटरों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। इसके लिए कोई टेंडर भी लगाया है, इस बारे में अभी कुछ पता नहीं है। न ही अधिकारियों ने उसने कोई बात की है। मंगलवार को निगम आयुक्त से इस संबंध में बात की जाएगी।
रेनू डाबला, मेयर, नगर निगम।