कलानौर। करोड़ों रुपये खर्च कर पेयजल व्यवस्था सुधारने के दावों के बावजूद कलानौर में लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से छह किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और पंप हाउस का निर्माण कराया गया लेकिन इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच सका है।
कलानौर जलघर का मुख्य टैंक पूरी तरह सूख चुका है। इससे शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई वार्डों में दो दिन छोड़कर तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका ने हाल ही में करीब छह लाख रुपये की लागत से दो पानी के टैंकर खरीदे थे लेकिन अब तक इनके माध्यम से किसी भी वार्ड में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की योजनाएं और सरकारी दावे केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।
पार्षद रामबीर और प्रवीण कुमारी ने बताया कि विभागीय रिकॉर्ड में भले ही पर्याप्त जलापूर्ति दिखाई जा रही हो लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को गंदा, बदबूदार और खारा पानी मिल रहा है। पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण अधिकांश परिवार 15 से 20 रुपये प्रति कैन के हिसाब से पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी भूपेंद्र, राजू, संदीप, राहुल, हर्षबाला, संतोष, कविता, नीलम और सुनीता ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वर्जन
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नहर में पानी आने में अभी कुछ समय लगेगा। नहर में पानी पहुंचते ही नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। जहां गंदे पानी की शिकायतें हैं, वहां फॉल्ट का पता लगाकर उन्हें शीघ्र ठीक कराया जाएगा।
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कलानौर जल घर का बड़ा टैंक खाली पड़ा हुआ।