रोहतक। अमर उजाला फाउंडेशन एवं गौ-रव सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में हिसार रोड स्थित गोपालपुरा में स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर आयोेजित किया गया। शिविर में 169 लोगों की जांच कर निशुल्क दवाइयां दी गईं।
इस मौके पर इन्फ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जागरूक भी किया गया। शिविर का शुभारंभ बतौर मुख्यअतिथि पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने किया और मरीजों की जांच की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी अजेश गुप्ता काठमंडी, संदीप सुनेजा काहनौर व प्रवीन सैनी मौजूद रहे।
शिविर आयोजक नरेंद्र सरोहा, पवन कश्यप, विजय ठाकुर ने बताया कि शिविर के लिए सुबह आठ बजे पंजीकरण शुरु कर दिया गया था और दोपहर तीन बजे तक मरीजों की जांच की गई। फिजिशियन डॉ. मंदीप ने बताया कि उनके पास शुगर, बीपी, अस्थमा और सबसे अधिक खांसी व जुकाम के मरीज उपचार के लिए आए। मरीजों की मौके पर बीपी व शुगर जांच स्टाफ नर्स रितु ने की। जांच के बाद कई मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस रेफर किया गया है।
नेत्र विभाग से नरेंद्र सिंह ने बताया कि आंखों में खुजली व पानी का आना अधिकांश मरीजों की समस्या थी। इसके अलावा जांच में 11 को मोतिया बिंद मिला। इन सभी को ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल बुलाया गया है। 20 मरीजों को दृष्टि संबंधी समस्या मिली, इन सभी को चश्मे का नंबर दिया गया है।
स्वास्थ्य जांच शिविर में मुख्य भूमिका जयसिंह, साक्षी राणा, प्रदीप, तपांशु, गिरीश चावला, अनुराग मिश्र, प्रवीन सहगल, कमल सैनी, योगेश, मनोज, आशीष दुबे, शिव मोहन गुप्ता, अनुज, अश्वनी, महाबीर, बलवान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
आंखों से पानी आता था। डॉक्टर ने जांच कर दवा देने के साथ आंखों का व्यायाम करने परामर्श दिया है। ऐसे शिविर समय-समय पर लगते रहने चाहिए। इससे जो अस्पताल नहीं जा पाते, उनको लाभ मिलता है। सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों को मिलता है।
- श्वेता
मैने परिवार सहित स्वास्थ्य व आंखों की जांच करवाई है। शिविर का सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों को मिला है। क्योंकि वह अस्पताल तक जाने में असक्षम होते हैं। ऐसे शिविर आउटर एरिया में लगते रहने चाहिए। इससे जरूरतमंद लाभान्वित होते हैं।
- सिमरन
आउटर व स्लम एरिया जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाना बेहतर कार्य है। नेत्र जांच व स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन समाजसेवा का बेहतर माध्यम है। रविवार को जो मरीज अस्पताल नहीं जा सकते, उनको जांच करवाने में लाभ मिलता है। कई बार इन शिविरों के माध्यम से ऐसी बीमारियों का पता चल जाता है जिनका समय पर उपचार करने से हम मरीज को बचा लेते हैं।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन