अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के लिए पुलिस भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में देरी करती है। इसके लिए कई बार पीड़ित की बयान देने से मुकर जाती है। इसके कारण आरोपी बच निकलते हैं। एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक ने हरियाणा में हो रही सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। जिसे जल्द ही सीएम और पीएम को सौंपा जाएगा। उन्होंने प्रतिदिन प्रार्थना सभा में बच्चों का जागरूक करने को नैतिक शिक्षा देने की भी अपील की है।
एक और सुधार कार्यक्रम के तहत परियोजना निदेशक हरियाणा के विभिन्न जिलों में जाकर बच्चों की समस्याएं सुन रहे थे। पिछले कुछ दिन से कार्यक्रम बंद है। शनिवार को परियोजना निदेशक पीड़ित बच्ची का हाल जानने के लिए पीजीआई पहुंचे थे। रॉकी मित्तल ने बताया कि प्रदेश में हो ही वारदातों पर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में 10 सितंबर को रेवाड़ी में तीन लोगों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म, रोहतक के पास के ही गांव में बिहार की बच्ची का अपहरण करने के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म, रोहतक में ही चार साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और सोनीपत में भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामलों का जिक्र किया गया है।
तैयार रिपोर्ट में परियोजना निदेशक ने कहा कि अधिकतर मामलों में देखने में आता है कि पुलिस केस तो तुरंत ही दर्ज क र लेती है मगर आरोपियों को पकड़ने में देरी करती है। यहीं नहीं कई बार पीड़ित और उसके परिजन ही आरोपियों के खिलाफ गवाही देने से मुकर जाते हैं। बच्चियों के साथ हो रही वारदात पर अंकुश लगाने को प्रतिदिन सभी प्राइवेट ओर सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के समय बच्चों को नैतिक शिक्षा देने की भी मांग की गई है। रॉकी मित्तल ने बताया कि जल्द ही रिपोर्ट सीएम मनोहर लाल खट्टा, चीफ सेकेट्री और पीएम नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी।
गुड टच-बेड टच के बारे में बताएं
रॉकी मित्तल का कहना है कि बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में भी पता होना चाहिए। अभिभावकों को बच्चों से दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए। ताकि उनके साथ कुछ भी गलत हो तो वह तुरंत ही परिजनों को बता सके।