कालेजों व विवि में दाखिले के बाद हॉस्टल की मारामारी, उम्मीदवार ज्यादा होने से यहां भी मेरिट से मिलेगा हॉस्टल
- हॉस्टल में कमरे के लिए आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू, मेडिकल बनवाने सिविल अस्पताल पहुंच रहे विद्यार्थी
विकास सैनी
रोहतक। नए शैक्षणिक सत्र में कालेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिले की दौड़ के बाद अब हॉस्टल के लिए मारामारी शुरू हो गई है। उम्मीदवार अधिक होने के चलते विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल मिलना मुश्किल रहेगा। इस बार भी हॉस्टलों में करीब दस गुणा अधिक आवेदन आने की उम्मीद है। हॉस्टल की डिमांड के चलते यहां भी मेरिट 90 प्रतिशत से ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है। इसी कड़ी में मंगलवार को सिविल अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने वाले विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही।
शहर के नेकीराम शर्मा व राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में ओपन काउंसिलिंग के बाद सभी सीटें फुल हो गई हैं। अब 19 जुलाई को ओरिएंटेशन के साथ कॉलेज शुरू होने की तैयारी है। इसके साथ ही दूर दराज के इलाके से यहां पढ़ने आए विद्यार्थियों का हॉस्टल में जगह पाने का संघर्ष भी शुरू हो गया है। कुछ जगह आवेदन प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित कर लिए गए हैं, कुछ जगह अभी इंतजार है। विद्यार्थियों ने आवेदन पत्र भरने के साथ ही अपने मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने भी शुरू कर दिए हैं। इसके चलते मंगलवार को सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में खासी गहमा गहमी बनी रही।
नेकीराम कॉलेज में 160 सीटें
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय में तीन हॉस्टल हैं। इनमें से एक लड़कियों के लिए है। लड़कों के अरावली व हिमालय हॉस्टल में 240 व लड़कियों के शिवालिक हॉस्टल में कुल 300 सीटें हैं। इनमें से प्रथम वर्ष के लिए करीब 160 सीटें हैं। इन सीटों के लिए कॉलेज में 2420 सीटों पर हुए दाखिलों में से करीब 60 प्रतिशत विद्यार्थी कतार में हैं। इस हिसाब से एक कमरे के लिए करीब आठ उम्मीदवार कतार में हैं। इसके लिए कॉलेज ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवेदन 23 जुलाई तक जमा होंगे। पहली दाखिला सूची 26 जुलाई को जारी की जाएगी। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए दूसरी सूची 31 जुलाई को जारी होगी।
महिला महाविद्यालय में 80 सीटें
राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में छात्राओं के लिए तीन हॉस्टल हैं। भारती, लाडली व लाडली एक्सटेंशन में कुल 240 कमरे हैं। इनमें से महज 80 ही प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए हैं। जबकि आवेदक अधिक हैं। कॉलेज की कुल 2220 सीटों में से करीब 60 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हॉस्टल की डिमांड करती हैं। इनमें से 80 को हॉस्टल अलॉट करना विवि प्रशासन के लिए भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यहां मेरिट हाई 90 प्रतिशत से भी ऊपर चली जाती है। यहां हॉस्टल के 20 जुलाई से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
एमडीयू हॉस्टलों में 1800 सीटें
दाखिला प्रक्रिया के चलते एमडीयू में भी हॉस्टलों की डिमांड उठने लगी है। यहां विद्यार्थियों के लिए करीब 1800 सीटें हैं। विवि में करीब 18 हॉस्टल हैं। इनमें से नौ हॉस्टल लड़कों के लिए हैं। इनमें करीब 2500 सीटें हैं। यही स्थिति गर्ल्स हॉस्टल की है। विवि प्रशासन ने नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया को देखते हुए विभिन्न विभागाें को सीटें अलॉट कर दी हैं। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए इस वर्ष यहां 150 सीटें बढ़ाई गई हैं। इससे 150 अतिरिक्त विद्यार्थियों को हॉस्टल मिल सकेगा। यहां भी सीटों से करीब दस गुणा अधिक आवेदन आते हैं। इस कारण दूरी के साथ मेरिट को ध्यान में रखते हुए ही हॉस्टल अलॉट किया जाता है।
वर्जन :
कॉलेज में हॉस्टल सुविधा है। इसके लिए दूर दराज के विद्यार्थियों की डिमांड ज्यादा है। ज्यादातर अभिभावकों का प्रयास बच्चों को हॉस्टल दिलाने का रहता है। सीटें कम होने के कारण मेरिट सूची के आधार पर ही हॉस्टल में जगह मिल पाएगी।
दलबीर हुड्डा, चीफ वार्डन, नेकीराम कॉलेज।
वर्जन :
कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब 20 जुलाई से हॉस्टलों की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए छात्राओं की डिमांड आ रही है। आवेदन मिलने के बाद मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसी के आधार पर हॉस्टल अलॉट होगा।
डॉ. आशा अहलावत, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय।
वर्जन :
विवि में विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की बेहतर सुविधा है। यहां लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग 18 हॉस्टल हैं। इनमें करीब पांच हजार कमरे हैं। इनमें से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए करीब 1800 कमरे रहेंगे। इस बार पिछले वर्ष से 150 सीट ज्यादा रहेंगी। विवि के विभिन्न विभागाें को सीटें अलॉट कर दी गई है।
प्रो. राधेश्याम, चीफ वार्डन, ब्वायज हॉस्टल, एमडीयू।