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ढाई लाख आबादी को जगी पानी व सीवरेज की उम्मीद

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पानी रे पानी : जिस अमृत प्रोजेक्ट का पाठ पढ़ा रहे नेता व अधिकारी, वह 18 माह में होगा पूरा
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- अक्तूबर 2019 में भाजपा सरकार का कार्यकाल होगा पूरा, दिसंबर 2019 प्रोजेक्ट के पूरा होने की समय सीमा
- एक साल पहले निगम ने भेजी थी चंडीगढ़ अवैध कॉलोनियों को वैध करने की फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर के लोगों को अभी डेढ़ साल और पानी किल्लत झेलनी पड़ेगी। सरकार के नेता व निगम के अधिकारी समय-समय पर जिस अमृत योजना का पाठ पानी के लिए बेहाल पब्लिक को पढ़ाते रहते हैं, उसे पूरा करने का समय ऑनलाइन टेंडर में 18 माह रखा हुआ है। भाजपा सरकार का कार्यकाल अक्तूबर 2019 में पूरा हो रहा है। प्रोजेक्ट सही गति से चलता रहा तो इसके दो माह बाद दिसंबर 2019 में पूरा होगा। नगर निगम की तरफ से जारी किया गया 297 करोड़ का यह टेंडर 14 जुलाई को खोला जाएगा।
शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी है पुराने शहर में। निगम चुनाव से ठीक पहले पैदा हुए जल संकट ने पब्लिक के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं को भी एक्टिव कर दिया है। पीछे से नहरी पानी की कमी, आगे पुरानी पानी की लाइन के कारण पब्लिक हेल्थ भी कुछ नहीं कर पा रहा है। सीएम मनोहर लाल तक रोहतक में पब्लिक हेल्थ की सर्विस को पुअर करार दे चुके हैं। इसके चलते सत्ता पक्ष व विभाग के अधिकारियों पर काफी दबाव है। अब एकमात्र उम्मीद केंद्र सरकार की अमृत योजना है, जिसके तहत निगम शहर में न केवल नए वाटर वर्क्स और बूस्टर स्टेशन बनाएगा, बल्कि सीवरेज लाइन भी बिछाई जाएगी। इस अमृत प्रोजेक्ट के पूरा होने में 18 माह का समय तो टेंडर में रखा गया है। चुनावी मौसम में अगर प्रोजेक्ट सही गति से आगे नहीं बढ़ा तो समय और भी लग सकता है। ऐसे में आम पब्लिक को जल्द पानी के संकट से छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा है।
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99 अवैध कॉलोनियां प्रोजेक्ट में शामिल, वैध होने का पत्र अभी नहीं आया
नगर निगम की तरफ से एक साल पहले 71 अवैध कॉलोनियों को एक बार व 28 कॉलोनियों की दूसरी सूची वैध करने के लिए चंडीगढ़ भेजी थी, लेकिन अभी तक लिखित में कोई पत्र वैध करने के लिए नहीं आया है। इसके बावजूद निगम की तरफ से अमृत योजना के तहत जो टेंडर जारी किया गया है, उसमें इन कॉलोनियों को शामिल किया गया है। कन्हेली, सुनारिया कलां, सुनारिया खुर्द, बलियाना, पहरावर, अस्थल बोहर, गढ़ी बोहर, राजीव नगर, अजीत नगर व खोखराकोट में बूस्टिंग स्टेशन प्रस्तावित हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि उक्त कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि चंडीगढ़ मुख्यालय से अभी पत्र नहीं आया है। पत्र मिलने के बाद धरातल पर प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू होगा।

मंत्री का दावा : दिसंबर 2018 तक वैध हुई कॉलोनियों में पानी व सीवरेज सुनिश्चित
उधर, सहकारिता मंत्री वार्ड मीटिंग के तहत सोमवार को आजादगढ़ पहुंचे और कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। मंत्री ने बताया कि 125 बाहरी कॉलोनियों में पेयजल एवं सीवरेज लाइन डालने के लिए 14 जुलाई को टेंडर खोले जाएंगे। अमृत योजना के तहत इन कॉलोनियों में 297 करोड़ रुपये की लागत से पानी एवं सीवरेज की व्यवस्था दिसंबर 2018 तक सुनिश्चित की जाएगी। इसमें 71 कॉलोनियों को विकास के नाम पर वैध किया जा चुका है, 28 और कॉलोनियों को शीघ्र ही वैध कर दिया जाएगा। इस प्रकार शहर की सभी बाहरी कॉलोनियों में विकास शुल्क लेकर सभी बिजली, पानी आदि की मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।

टेंडर में तिथि : भाजपा की वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दो माह बाद पूरा होगा अमृत प्रोजेक्ट
निगम की तरफ से ऑनलाइन अमृत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल प्रोजेक्ट के तहत 18 जून 2018 को टेंडर डाउनलोड किया गया। इसमें 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन की तिथि रखी गई है, जबकि प्रोजेक्ट के पूरा होने की समय सीमा 18 माह रखी गई है। अगर प्रोजेक्ट पर काम 14 जुलाई 2018 को शुरू होता है और तय गति से आगे बढ़ता है तो यह दिसंबर 2019 में पूरा होगा। जबकि भाजपा की मौजूदा सरकार का कार्यकाल अक्तूबर 2019 में पूरा हो रहा है। दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि बाहरी कॉलोनियों में पानी और सीवरेज की व्यवस्था दिसंबर 2018 तक सुनिश्चित कर दी जाएगी। यह कैसी होगी, यह तो अधिकारी या सत्ता से जुड़े लोग ही बता सकते हैं।

कॉलोनियां जो जल्द होंगी वैध
अजीत कॉलोनी एक्सटेंशन 1,2,3, अस्थल बोहर एक्सटेंशन, आजादगढ़ एक्सटेंशन, बलियाना आउटर 1,2,3, बर्सी नगर एक्सटेंशन 1,2,3,4, बसंत विहार, बस्ती कुताना 1,2, बोहर आउटर 4,5,6, फ्रेंड्स कॉलोनी एक्सटेंशन 1, गढ़ी बोहर आउटर पार्ट 2, हरकी देवी कॉलोनी एक्सटेंशन, इंद्र नगर, जसबीर कॉलोनी, कन्हेली आउटर पार्ट 1 व 3, कबीर कॉलोनी एक्सटेंशन 1,2,3, माजरा कॉलोनी एक्सटेंशन 1, न्यू जनता कॉलोनी एक्सटेंशन 1व 2, न्यू विजय नगर एक्सटेंशन 1, न्यू अग्रसेन कॉलोनी एक्सटेंशन 1 व 2, पंचवटी, प्रवेश नगर एक्सटेंशन 1, पहरावर आउटर पार्ट 1 व 2, राजेंद्रा कॉलोनी एक्सटेंशन 1, 2, राजीव नगर एक्सटेंशन 1 व 2, रामनगर एक्सटेंशन 2,3, ऋषि नगर पार्ट 1,2, शीतल नगर एक्सटेंशन 2 व 3, शिव विहार एक्सटेंशन 1,2,3,4, शिव नगर एक्सटेंशन 1,2,3, सुनारिया कलां आउटर पार्ट 1,2,3,4,5,6,7 व सुनारिया खुर्द आउटर पार्ट 1,2,3, सूर्य नगर सिंहपुरा रोड एक्सटेंशन 1,2, ताऊ नगर एक्सटेंशन, विशाल नगर एक्सटेंशन 1 व 2 को वैध करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि निगम प्रशासन अभी किसी तरह का पत्र मिलने से इंकार कर रहा है।

ये 28 कॉलोनियां भी कतार में
निगम की तरफ से 28 कॉलोनियों की दूसरी सूची वैध कराने के लिए चंडीगढ़ भेजी हुई है, जिसमें डेयरी कॉम्प्लेक्स पार्ट 1 व 2, अस्थल बोहर एक्सटेंशन 5, बोहर पार्ट 1, 1बी, 2 व 3, फ्रेंड्स कॉलोनी 2 व 2ए, गढ़ी बोहर आउटर पार्ट 1ए,1बी, 1सी, 1डी,1ई, कन्हेली आउटर पार्ट 2ए व 2 बी, खेड़ी साध आउटर पार्ट 1ए, 1बी,1सी, पार्टस 2,3,4ए व 4बी, शीतल नगर एक्सटेंशन 1ए,1बी, सुनारिया खुर्द आउटर पार्ट 2, सुनारिया कलां 2ए व 2 बी शामिल हैं।
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71 कॉलोनियों के जल्द वैध होने की उम्मीद है, जिसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। प्रोजेक्ट की ड्राइविंग में कॉलोनियों के एरिया को शामिल किया गया है। हालांकि मुख्यालय से अभी पत्र नहीं आया है। - कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम
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