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4 साल बाद आया 22 करोड़ बजट, कमेटी की रिपोर्ट पर देगा निगम किश्त

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राजीव गांधी आवास योजना : गरीबों के सिर पर छत आने की बढ़ी उम्मीद
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चार साल बाद आया 22 करोड़ बजट, कमेटी की रिपोर्ट पर देगा निगम किश्त

: डीसी से मिले सुनारिया के ग्रामीण, डीसी ने ज्वाइंट कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट
: कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही मिल सकती है किस्त: सीपीओ
: पूर्व पार्षद बोली, अधिकारी कर रहे परेशान, लोगों को बेवजह कटवाए जा रहे चक्कर

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। चार साल बाद राजीव गांधी आवास योजना के तहत मकान के लिए किश्त का इंतजार कर रहे लोगों के लिए उम्मीद जग गई है। केंद्र सरकार की तरफ से 22 करोड़ रुपये का बजट भेजा गया है। निगम अब उन लोगों को मकान बनने के बाद किश्त देगा, जिनके मकान योजना के मंजूर हुए थे। निगम के रिकार्ड में ऐसे आवेदकों की संख्या 1285 है।

यूपीए सरकार के कार्यकाल में पांच साल पहले राजीव गांधी आवास योजना लागू की गई। रोहतक में निगम हाउस ने प्रस्ताव पास करके आवेदन मांगे। योजना के तहत निगम के आउटर एरिया, खासकर निगम में शामिल नौ गांवों बोहर, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया कलां व खुर्द, अस्थल बोहर, बोहर माजरा व कुताना से 1518 आवेदन आए। इसमें से निगम ने 1218 आवेदन वैध मानते हुए प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। योजना के तहत मकान मालिक को खुद के पैसे से निर्माण कार्य शुरू करना था। निगम को काम शुरू होने पर पहली किश्त, आधे से ज्यादा काम होने पर दूसरी किश्त व मकान निर्माण पूरा होने पर तीसरी किश्त देनी थी। निगम की तरफ से सैकड़ों मकानों को पहली, दूसरी व कई मकानों को तीसरी किश्त दे दी, लेकिन 2014 में केंद्र व राज्य में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। इसके साथ ही योजना पर ठंडे बस्ते में चली गई। अब 2018 में निगम के पास योजना के तहत 22 करोड़ रुपये की राशि खाते में पहुंची है। निगम अब जांच पड़ताल के बाद किश्त जारी करेगा।
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ज्वाइंट कमिश्नर ने मांगी सीपीओ से रिपोर्ट
सोमवार को राजीव गांधी आवास योजना के तहत सुनारिया गांव के सैकड़ों लोगों ने आवेदन कर रखे हैं। किसी को पहली किश्त तक नहीं मिली है। किसी ने ब्याज पर पैसे लेकर मकान तो बना लिया, लेकिन निगम ने किश्त नहीं दी। इस कारण लोग ब्याज के बोझ नीचे दब गए। मामले को लेकर निगम के पुराने वार्ड 20 के लोग डीसी डाक्टर यश गर्ग से मिले और किश्त दिलवाने की मांग की। डीसी ने ज्वाइंट कमिश्नर रवींद्र कुमार से रिपोर्ट मांगी। ज्वाइंट कमिश्नर ने सीपीओ से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है।

159 लोगों के आए नए आवेदन, लग रही भीड़
निगम में राजीव गांधी आवास योजना के तहत किश्त लेने के लिए लोगों की हर रोज लाइन लग रही है। अब तक 159 लोग किश्त के लिए दोबारा आवेदन कर चुके हैं। इसमें पहली किश्त के लिए 14, दूसरी किश्त के लिए 96 व तीसरी किश्त के लिए 59 लोगों ने आवेदन किया है। अब इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों की टीम मौके पर निरीक्षण करके रिपोर्ट सीपीओ को देगी। इसके बाद सीपीओ निगम आयुक्त को फाइल भेजेगा। वहां से मंजूरी के बाद अकाउंट ब्रांच मकान मालिक के खाते में पैसे जारी करेगी।

राजीव गांधी आवास योजना का 22 करोड़ रुपये बजट आया है। जो मकान मालिक शर्तों को पूरा कर रहे हैं, उनकी किश्त जारी कर दी जाएगी। इसके लिए कमेटी मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।
- जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर, नगर निगम

नहीं मिल रही किश्त, ग्रामीण परेशान
मेरे वार्ड से साढ़े 400 लोगों ने आवेदन कर रखा है। किसी को एक किश्त तक नहीं मिली। किसकी दूसरी व तीसरी किश्त अटकी हुई है। सोमवार को ग्रामीण डीसी से मिले और किश्त दिलवाने की मांग की।
- लक्ष्मी देवी, पूर्व पार्षद नगर निगम, ओल्ड वार्ड नंबर 20

150 मकान बनकर तैयार, फिर भी नहीं मिल रही किश्त
निगम के पुराने वार्ड नंबर आठ में 250 लोगों के राजीव गांधी आवास योजना के तहत मकान मंजूर हुए थे। 150 मकान ऐेसे हैं, जो ग्रामीणों ने ब्याज पर पैसा लेकर पूरे किए। पहले निगम के अधिकारी कहते रहे कि बजट नहीं आया है। अब कह रहे हैं कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद किश्त मिलेगी।
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- उपासना देवी, पूर्व पार्षद नगर निगम, ओल्ड वार्ड नंबर 8

राजनीतिक दबाव में निगम के अधिकारी
मेरे वार्ड में राजीव गांधी आवास योजना के तहत कांग्रेस राज में 700 मकान बनाने की मंजूरी मिली थी। कांग्रेस राज में ही 400 मकान ऐसे हैं, जिनको तीनों किश्त मिल गई, लेकिन 300 मकान ऐसे हैं, जहां दूसरी व तीसरी किश्त कई साल से अटकी हुई है। उसे पूरा शक है कि निगम के अधिकारी राजनीतिक दबाव में किश्त नहीं डाल रहे।
सरिता देवी, पूर्व पार्षद नगर निगम, ओल्ड वार्ड नंबर 7
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