हरियाणा सरकार पूरी तरह एससी वर्ग विरोधी : खजान सिंह बडबड
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष खजान सिंह बडबड व कोषाध्यक्ष डॉ. दिनेश निंबडिया की संयुक्त अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक सेक्टर-3 में जिला प्रधान धर्म सिंह रंगा के आवास पर हुई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति वर्ग विरोधी है। जिस दिन से भाजपा की सरकार सत्ता में आई है, उसी दिन से अनुसूचित जाति वर्ग विरोधी निर्णय ले रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व पूरा करना नहीं चाहती। सरकार की दूषित मानसिकता के चलते आज पदोन्नति में आरक्षण का मामला न्यायालय में लटका है। अनिल कुमार आईएएस की रिपोर्ट सरकार के पास होने के बावजूद सरकार उसे लागू नहीं कर रही है। यदि सरकार की मानसिकता अच्छी होती तो रिपोर्ट न्यायालय में पेश करके पदोन्नति में आरक्षण के मामले को सुलझाती। पदोन्नति में आरक्षण बहाल करके अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का निर्णय लेती। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व सरकार के अन्य जनप्रतिनिधि मंचों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के हितैषी होने का दिखावा करते हैं। संघ के जिला प्रधान धर्म सिंह रंगा व संघ के प्रदेश सह कोषाध्यक्ष वीरभान भौरिया ने शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति को शिक्षक व छात्र विरोधी बताया। कहा, जिस स्थानांतरण नीति की प्रशंसा करते मुख्यमंत्री थकते नहीं हैं, उसी ने आज शिक्षकों के नाक में दम कर रखा है। सरकार द्वारा घोषित स्थानांतरण नीति की सरकार स्वयं अवहेलना कर रही है। इस नीति के तहत 2016 में जिन अध्यापकों का गलत स्थानांतरण किया गया था उनकी सुध दो वर्ष बीतने के बाद भी नहीं ली गई है। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ सरकार की इस नीति की घोर निंदा करता है। उन्होंने कहा कि सरकार की अनुसूचित जाति वर्ग, शिक्षक व छात्र विरोधी नीतियों के विरूद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ 27 मई को जींद की संत शिरोमणि गुरू रविदास धर्मशाला में राज्य कार्यकारिणी की बैठक करेगा। जिसमें सभी राज्य कार्यकार्यकारिणी सदस्य, प्रधान व सचिव भाग लेंगे। बैठक में सरकार की नीतियों के विरुद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने चेताया कि सरकार 10 जून तक अपने कर्मचारी विरोधी और अनुसूचित जाति वर्ग विरोधी निर्णय को वापस लेकर उनके हितों के अनुसार नीतियों व रिर्पोटों को लागू करे। अन्यथा जून माह में संघ सरकार की गलत नीतियों को जनता के बीच ले जाकर पोल खोल अभियान चलायेगा।