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ओमैक्स सिटी

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रात भर चलता है निर्माण, ग्रीन बेल्ट कब्जा कर बनाए जा रहे मकान
- सात मार्च को की गई थी कार्रवाई, लेकिन फिर से शुरू हो गया मकानों का निर्माण
- ओमैक्स सिटी के फ्लैट एरिया की ग्रीन बेल्ट पर कब्जा किए जाने से लोग परेशान
- लोगों ने लगाया सरकारी विभाग पर जानबूझकर पूरी कार्रवाई नहीं करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ओमेक्स सिटी में दिल्ली बाइपास रोड से लगी ग्रीनबेल्ट पर कब्जा करके खुलेआम मकानों का निर्माण किया जा रहा है। रात भर यहां मकानों का निर्माण चलता है। नगर निगम की टीम आती है, अवैध तौर पर बने मकानों को दीवारों को थोड़ा बहुत तोड़ती है, लेकिन नींव नहीं तोड़ी जाती है। नतीजा रातों रात फिर से दीवारें खड़ी कर ली जातीं हैं और मकानों का निर्माण शुरू हो जाता है। ग्रीन बेल्ट कब्जा कर मकान बना रहे लोग दबंग हैं, जिसके चलते इनके विरोध में बहुत लोग सामने नहीं आ रहा है। लोग नगर निगम से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। लोगों के समाने समस्या है कि आखिर जाएं तो कहां जाएं।
ओमैक्स सिटी के फ्लैट एरिया में मंदिर के पास ग्रीन बेल्ट पर धड़ल्ले से अवैध कब्जा चल रह है। बीती सात मार्च को नगर निगम ने यहां अभियान चलाकर ग्रीन बेल्ट पर 12 जगहों पर चल रहे निर्माण कार्य को हटाया था। लोगों ने प्लाट काटकर नींव काट रखी थी, लेकिन इन निर्माणों को पूरी तरह से नहीं तोड़ा गया था। इनकी नींव को बुलडोजर ने छुआ तक नहीं। नतीजा अब उन्हीं नींव पर दोबारा निर्माण शुरू हो गया। सिर्फ रात को नौ से सुबह छह बजे तक निर्माण कर एक सप्ताह में ही फिर से मकानों का निर्माण कर लिया गया। यह हालत तब है कि जबकि सीएम विंडो पर शिकायत की जा चुकी है और मामला कोर्ट में भी चल रहा है। इसके बावजूद महज खानापूर्ति ही की जा रही है।
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- ऐसी कार्रवाई का क्या फायदा, जब फिर से निर्माण करने की छूट हो
ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जा कर मकानों का निर्माण करने वालों के खिलाफ आवाज उठा रहीं ओमैक्स सिटी निवासी प्रमिला आर्या ने कहा कि ऐसी कार्रवाई का क्या फायदा कि जब दोबारा निर्माण करने की छूट हो। यह महज खानापूर्ति है। रात नौ बजे के बाद ट्रकों की आवाजाही शुरू हो जाती है। मिट्टी से भराई करने के बाद नींव तैयार होती है। अगर कोई आवाज उठाए तो मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
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- बोले अधिकारी
नगर निगम के डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर कृष्ण कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि जिले की डीटीपी और तहसीलदार को पूरे मामले में अवगत कराया जा चुका है। उनसे कहा गया है कि दोबारा निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
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