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होली पर दोपहर को रोडवेज बसें न चलने से यात्री रहे परेशान

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होली पर दोपहर को रोडवेज बसें न चलने से यात्री रहे परेशान
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चरखी दादरी।
होली पर्व पर हुड़दंग को देखते हुए वीरवार को रोडवेज विभाग ने बसें बंद कर दी। इससे सवारियों को परेशानियां उठानी पड़ीं। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब एक दर्जन रूटों तीन बजे के बाद से ही प्रभावित रहे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हुड़दंग के भय से ज्यादातर रूटों की बस सेवाएं बंद की गई है, लेकिन जहां जरूरत थी वहां बसें शाम तक चलाई गई हैं।
जानकारी के अनुसार डिपो में करीब 155 बसें हैं जिनमें करीब 80 बसें चरखी दादरी डिपो व करीब 75 बसें डिपो के अधीन लोहारू सब डिपो के तहत हैं। होली के हुड़दंग को देखते हुए वीरवार दोपहर बाद ही बसें नहीं चल पाई। चालक-परिचालकों ने होली हुड़दंग को देखते बसों को डिपो परिसर में खड़ा कर दिया। रोडवेज चालकों के अनुसार रूट पर चलते समय लोग हर स्टॉप पर यात्रियों में पानी व गुलाल आदि डालने लगे जिससे यात्रियों को परेशानी होने लगी। तीन बजे बसें बंद होने पर यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। जिस बूथ पर यात्रियों की संख्या ज्यादा देखने में आई वहां स्पेशल तौर पर बस जरूर भेजी गई ताकि यात्रियों को परेशानी न होने पाए। बसें बंद होने पर यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। लोगों को ट्रेनों की सेवा लेनी पड़ी।
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ट्रेन सेवा सुचारू रहने से यात्रियों को आज मिलेगी राहत
फाग के दिन सभी ट्रेनें आम दिनों की तरह चलेंगी। चरखी दादरी रेलवे स्टेशन से रोजाना 20 सवारी गाड़ी गुजरती हैं जिनमें जयपुर-हिसार, रेवाड़ी-बठिंडा,रेवाड़ी-फाजिल्का, गंगानगर-हिसार प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह सभी ट्रेनें फाग के दिन रूटीन में ही चलेंगी। चरखी दादरी रेलवे स्टेशन पर रोजाना की औसत बुकिंग करीब 90 हजार रुपये है। स्टेशन से रोजाना करीब चार चार यात्री सफर करते हैं। वीरवार को जिले में सभी ट्रेनें आम दिनों की तरह चली।
बस स्टैंड पर घंटों करते रहे यात्री बसों का इंतजार
1.. मुझे नौसवा जाना था। पिछले दो घंटों से कोई बस नहीं आई है। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज अधिकारियों को लगातार अंतराल पर बसें चलानी चाहिए ताकि यात्रियों को सुविधा हो सके। रोडवेज कर्मियों की मनमर्जी लोगों को पर भारी पड़ रही है।
रामकुमार, नौसवां निवासी
2. मैं किसी काम से दादरी आया था। अब नौसवां अपने गांव जाने के लिए पिछले करीब डेढ़ घंटे से खड़ा हुआ। सवार वाहन सवारियों से भरे हुए हैं। रोडवेज बस सेवाएं बंद होने से दिक्कतों का सामना सवारियों को करना पड़ रहा है।
कर्ण सिंह, नौसवां निवासी
3. मैं सुबह दादरी आया था। उस समय रोडवेज बसें चल रही थी। दोपहर तीन बजे से बस स्टैंड पर खड़ा हूं और अब पांच बज चुके हैं लेकिन कोई बस नहीं आई। रोडवेज कर्मियों को त्योहार के दिन शाम तक तो बसें चलानी चाहिए ताकि सवारियों को दिक्कतें न हो।
उदेसिंह, मकडाना निवासह
4.. मै बस स्टैंड पर ढाई बजे से खड़ा हूं। पहले अधिकारी जल्द बस आने का तर्क द रहे थे और अब साढ़े तीन बजे बस बंद होने की बात कह रहे हैं। निजी वाहन भी नहीं चल रहे। रोडवेज कर्मियों की मनमर्जी से यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
सुनील, चिड़िया निवासी

==वर्सन-
होली के हुड़दंग को देखते हुए बसें तीन बजे बाद मजबूरीवश बंद करनी पड़ी। जिस रूट पर सवारियां मिली वहां बसें जरूर भेजी गई। यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया गया। फाग के दिन तो सभी बसें डिपो परिसर में ही खड़ी रहेंगी।
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ओमवीर, डीआई , रोडवेज डिपो

:: फाग के दिन सभी ट्रेनें आम दिनो की तरह ही चलेंगी। रेलवे की ओर से समयसारिणी में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। दयात्रियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
सत्यवान लांबा,रेलवे स्टेशन अधीक्षक
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