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टैक्स नहीं लेते हैं, ग्राहकों को बताएंगे व्यापारी

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राहत: एक करोड़ से कम का कारोबार करने वाले व्यापारियों को बोर्ड लगा ग्राहक को बताना होगा, हम नहीं लेते टैक्स
- रोहतक के 20 हजार कंपोजीशन डीलर्स के लिए जीएसटी में ग्राहकों से टैक्स नहीं लेने का नियम, बोर्ड न लगाने वालों पर कार्रवाई
- एक करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले कंपोजीशन डीलर्स यानी निर्माताओं और रेस्टोरेंट के लिए है नियम
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एक करोड़ रुपये से कम का कारोबार करने वाले व्यापारी ग्राहक से किसी तरह का कोई टैक्स नहीं वसूल सकते। इसके लिए व्यापारियों को अपनी दुकान या शोरूम के बाहर ग्राहकों के लिए बोर्ड लगाना होगा कि हम टैक्स नहीं लेते हैं। जीएसटी विभाग इस तरह के बोर्ड न लगाने वालों पर जल्द कार्रवाई करेगा। विभाग ने यह इसलिए किया है कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के अंतर्गत कंपोजीशन डीलर का विकल्प चुनने वाला व्यापारी ग्राहकों से टैक्स न वसूल सके। उसे अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहक को बताना होगा कि उसके पास जीएसटी वसूलने का अधिकार नहीं है। इसके बाद भी अगर कोई व्यापारी ग्राहकों को टैक्स के नाम पर ठगेगा तो वह जीएसटी विभाग के रडार पर आ जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रोहतक के 20 हजार व्यापारियों को अपनी दुकान में बोर्ड लगाकर टैक्स नहीं लेने की जानकारी देनी होगी।
जीएसटी विभाग रोहतक को शिकायत मिली हैं कि कुछ कंपोजीशन डीलर अधिकार न होने के बावजूद ग्राहकों से टैक्स वसूल रहे हैं, जिस पर इन व्यापारियों को टैक्स नहीं वसूले जाने की जानकारी देने का आदेश जारी किया गया है। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (बिक्री कर) सुरेश कुमार बोडवाल ने बताया कि हर कंपोजीशन डीलर को अपनी दुकान में एक बोर्ड लगाना होगा। इस बोर्ड के जरिए व्यापारियों की ओर से ग्राहकों को जानकारी दी जाएगी कि उनके पास टैक्स वसूलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत कम टर्नओवर रखने वाले व्यापारियों ने खुद को कंपोजीशन डीलर में शामिल करने का विकल्प चुना है, इसके साथ ही सरकार ने उनकी टैक्स दर फिक्सड कर दी है।
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2017 में एक करोड़ का टर्न ओवर रखने वाले हैं कंपोजीशन डीलर
कंपोजीशन डीलर में उत्पाद निर्माता, रेस्टोरेंट (जिनमें अल्कोहल नहीं परोसा जाता) और व्यापारियों को शामिल किया गया है। इनका टर्नओवर एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए, हालांकि जल्द ही टर्नओवर बढ़ाकर डेढ़ करोड़ हो जाएगा। कंपोजीशन डीलरों के लिए सरकार ने टैक्स की दर तय कर दी गई। यह बिल के मुताबिक ग्राहकों के टैक्स नहीं वसूल सकते हैं। फिक्सड टैक्स होने की वजह से ही यह ग्राहकों से टैक्स नहीं वसूल सकते हैं। उत्पाद निर्माता और व्यापारी से सरकार एक प्रतिशत टैक्स वसूली है, जबकि रेस्टोरेंट के लिए यह दर पांच प्रतिशत है।

बोर्ड का आकार भी तय किया गया
जीएसटी विभाग के मुताबिक कंपोजीशन डीलरों को तीन फुट लंबा और दो फुट चौड़ा बोर्ड लगाना होगा। इसी पर ग्राहकों की जानकारी के लिए लिखना होगा कि उनकी ओर से टैक्स नहीं वसूला जाता है।

- बोले व्यापारी
जीएसटी विभाग के अधिकारी व्यापारियों को ठीक से समझा ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर कंपोजीशन डीलरों का क्या फायदा किया है। शहर में 80 फीसदी व्यापारी कंपोजीशन व्यापारी है। जबकि इससे व्यापारी और ग्राहक दोनों को ही फायदा है। जरूरत व्यापारियों को ठीक से जीएसटी के बारे में बताने की है।
- गुलशन निझावन, व्यापारी

कंपोजीशन डीलर के कारोबार के बारे ठीक से जानकारी नहीं है, लेकिन अगर टैक्स एक फीसदी फिक्सड हो जाएगा तो इससे खुदरा व्यापारियों को जीएसटी का फायदा ही है। ग्राहकों को भी कारोबारियों पर भरोसा होगा और जो लोग टैक्स के नाम वसूली करते हैं उन पर भी रोक लगेगी।
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- गुलशन डंग, व्यापारी

ग्राहकों को यह होगा फायदा
एक उदाहरण के तौर पर समझते हैं कि रोहतक का एक व्यापारी दिल्ली से सौ रुपये का माल खरीदकर लाता है। जिस पर जीएसटी की टैक्स दर 18 फीसदी है। इस पर व्यापारी को समान 118 रुपये का पड़ा। व्यापारी रोहतक आकर अगर इस उत्पाद को अधिकतम रिटेल प्राइज पर 25 रुपये के फायदे पर भी बेचता है, तो उसे सिर्फ एक फीसदी टैक्स चुकाना होगा और ग्राहकों से टैक्स लेने की कोई जरूरत नहीं होगी। ऐसे में, इसका ग्राहकों को भी फायदा है, उन्हें दोहरा टैक्स नहीं देना होगा।
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