राष्ट्रीय मुद्रा नहीं लेना आईपीसी की धारा 124ए के तहत है देशद्रोह, हो सकती है उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जिले में बड़ी आसानी से 10 रुपये का सिक्का लेने से मना किया जा रहा है, लेकिन यह आपकोे जेल तक पहुंचा सकता है। राष्ट्रीय मुद्रा को स्वीकार करने से मना करना देशद्रोह है और आपको उम्रकैद हो सकती है।
अगर कोई आपसे 10 रुपये का सिक्का लेने से मना करते तो आपके पास उसके खिलाफ देशद्रोह की आईपीसी की धारा 124ए के तहत मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार है। भारत सरकार ने धारक को 10 रुपये सिक्के के तौर पर उसकी पूरी कीमत देने का वादा किया है, ऐसे में इसे लेने से मना करना अपराध है। एडवोकेट ओपी चुग ने बताया कि धारा 124ए के तहत उम्रकैद तक हो सकती है। इसमें न्यूनतम और अधिकतम सजा का प्रावधान है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जिसे नहीं चुकाने की स्थिति में तीन वर्ष की कैद बढ़ सकती है।
इस तरह करा सकते हैं मुकदमा
1. पुलिस स्टेशन जाएं।
2. पुलिस को बताएं कि 10 रुपये का सिक्का लेने से इंकार किया गया है।
3. सिक्का लेने से इंकार करने वाली जानकारी दें।
4. आरबीआई के नियमों के मुताबिक देशद्रोह का आरोप लगाएं।
5. एफआईआर दर्ज कराएं और पुलिस मामले की जांच करेगी।