नवरात्र में बाजार गुलजार, चमकेगा कारोबार
चरखी दादरी।
श्राद्धपक्ष में मंदी का मार झेल चुकी शहर की मार्केट का कारोबार नवरात्रों में अब पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। वीरवार से शुरू हुए नवरात्रों के पहले दिन ही बाजारों में चहल-पहल नजर आई। खासकर कपड़ा, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स व बर्तन मार्केट का ठप पड़ा कारोबार नवरात्रों में चमकने की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि अमूमन दादरी मार्केट में प्रतिदिन पांच करोड़ तक का कारोबार होता है लेकिन श्राद्ध पक्ष में ये लाखों में आ गया था। वहीं, नवरात्र शुरू होते ही शहर के मंदिरों में भीड़ बढ़ने लगी है और यहां कीर्तन व भजनों का आयोजन भी किया जा रहा है
नवरात्र शुरू होते ही बाजारों में चहल-पहल शुरू हो गई है। पहले दिन महिलाओं ने पूजा के लिए सामान, चुनरी और नारियल खरीदे। कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स और फर्नीचर मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि वे करीब 20 दिनों से मंदी की मार झेल रहे थे। अब उन्हें ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं और आगे कारोबार के चमकने की उम्मीद है। आचार्य गौरव दीक्षित का कहना है कि नवरात्रों में लोग खरीददारी करना पसंद करते हैं और इसे शुभ भी माना जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष में खरीददारी करने से आमतौर पर लोग गुरेज करते हैं और त्योहारी सीजन आने पर ही खरीदारी करना पसंद करते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट : आदेश इलेक्ट्रॉनिक्स संचालक बाबूलाल ने बताया कि श्राद्ध में प्रतिदिन दो से तीन ग्राहक ही दुकान पर आते थे। नवरात्र शुरू होने पर बिक्री में तेजी आएगी। श्राद्ध में 30 प्रतिशत तक की ब्रिकी हो रही थी लेकिन अब नवरात्रों में कारोबार 70 फीसदी तक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दीपावली पर्व पर इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में सबसे अधिक कारोबार होता है।
कपड़ा मार्केट: प्रकाश फैंसी इंपोरियम संचालक रवि कुमार ने बताया कि श्राद्ध के दिनों में कपड़े की खरीददारी बिल्कुल बंद हो गई थी। श्राद्ध के दिनों में केवल 20 प्रतिशत ही कारोबार हो रहा था लेकिन अब कारोबार 80 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। पहले नवरात्र पर ही उम्मीद से अधिक खरीददारी हुई। अगले माह करवाचौथ पर्व होने के कारण अधिकतर महिलाएं लाल रंग का सूट व साड़ी खरीदने में रुझान दिखा रही हैं।
फर्नीचर: दीपक फर्नीचर स्टोर मालिक दीपक कुमार ने बताया कि श्राद्ध के दिनों में फर्नीचर का काम ठप हो चुका था। पिछले एक माह से आर्डर न आने के कारण कारीगर खाली बैठे हुए थे। पहले नवरात्र पर ही सात से आठ आर्डर हमारे पास आए हैं। इससे पहले श्राद्ध में तो दुकानों पर दिनभर खाली बैठकर शाम को घर लौट जाते थे। अब तक महज दस प्रतिशत का कारोबार मुश्किल से हो रहा था लेकिन अब नवरात्रों में कारोबार 75 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। फर्नीचर के सामान में बेड व अलमारी की खरीद अधिक होती है।
अब चमकेगा सर्राफा बाजार
स्वर्णकार संघ प्रधान सुरेश सोनी ने बताया कि श्राद्ध के दिनों में सोने की खरीद पर गहरा असर पड़ था। स्वर्णकार मार्केट से रौनक ही खत्म हो गई थी। लेकिन नवरात्रों में बिक्री पर 30 प्रतिशत का उछाल आया है। ग्राहक अब नवरात्रों में पॉजेब, बाली व चांदी के सिक्के आदि की खरीददारी करने आ रहे हैं। करवाचौथ पर्व पर सोने की अंगुठियां, कड़ों व मंगलसूत्र की डिमांड सबसे अधिक रहती है। श्राद्ध पक्ष में तो लोग सोने के आभूषण को टांका तक लगवाने नहीं आ रहे थे। सर्राफा बाजार में पहले नवरात्र पर ही रौनक लौट आई है।