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पीजीआई में डॉक्टरों ने अंडे का प्रोटीन जबरन खिलाकर तुड़वाया अनशन

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पीजीआई में डॉक्टरों ने अंडे का प्रोटीन जबरन खिलाकर तुड़वाया अनशन : गोपालदास
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। संत गोपालदास ने पीजीआईएमएस के डॉक्टरों और प्रशासन पर गंभीर आरोप जड़े हैं। उनका कहना है कि जबरन अंडे की प्रोटीन खिलाकर उनका अनशन तुड़वाया गया है। उनके साथ 20 लोगों ने जबरदस्ती की और उनका धर्म भ्रष्ट कराया है। मौन पर होने के बाद भी उनसे मनोचिकित्सक सवाल करते रहे। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी जब पापाचारी, दुराचारी और अत्याचारी हो जाएं तो उसे सत्ता से हटना चाहिए। संत गोपालदास बुधवार को देर रात तिलियार लेक पर ठहरे। कांग्रेेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पीजीआई में उपचाराधीन संत को वहां से लेकर आए थे।

संत ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के साथ है, पर्यावरण और गोमाता की इन्हें चिंता नहीं है। बंडी कंपनियों से मिलकर गड़बड़ करने वाले रामराज की बात करते हैं। संत ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को हनुमान कहते हुए कहा कि वह उनको पीजीआईएमएस की कैद से छुड़ाकर लाए हैं।
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उन्होंने खट्टर सरकार को कट्टर सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि तंवर ने सरकार को धर्म का आइना दिखाया है। कोई कितना सितम कर ले, वह झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष से उनके गुरु भाई कोटेश्वर में एक गुफा में तपस्या कर रहे थे, उनकी मृत्यु सांप के काटने से हो गई है। इसलिए उनको वहां श्रद्धांजलि देने जाना जरूरी है। सुबह उनकी भू समाधि होनी है।

इस दौरान कांग्रेेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा है कि संत गोपालदास के साथ सरकार के इशारों पर पुलिस और पीजीआईएमएस प्रशासन पिछले दो दिनों से जबरदस्ती कर रहा था। यह जबरदस्ती करना उचित नहीं है। मंगलवार को भी जबरन गर्दन और हाथ मोड़कर डॉक्टरों ने संत को अंडे की प्रोटीन फीड कराई, यह गलत है।
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उन्होंने कहा कि संत का धर्म और उनके रहन-सहन का अलग तरीका होता है। उन्हें पीजीआईएमएस में कैदियों की तरह रखा जा रहा था। हम संत, गोमाता और गरीब का अपमान सहन नहीं करेंगे। संत अपने एक गुरु भाई की मृत्यु समाचार से आहत हैं, वह उत्तराखंड जाना चाहते हैं। पल्स और बीपी लो होने के चलते उनका जाना असंभव लग रहा है। रोहतक में संत के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिल रही है। इसके बावजूद संत जो आदेश देंगे, वह किया जाएगा।
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