प्रशासन सुस्त, लोग पस्त, सड़कों पर घूम रहे सांड़ मस्त
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
कोर्ट के आदेशों के 23 दिन बीतने के बावजूद प्रशासन की सुस्ती से लोग पस्त है। हर रोज लावारिस सांड़ हादसों का कारण बन रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारी नंदीशाला पर ही नजर टिकाए है। नंदीशाला में शेड, पानी के लिए बोरवैल की व्यवस्था तो हो गई है मगर मुख्य गेट के पिल्लर, बिजली कनेक्शन, कुछ जगह लिपाई और ईंटें बिछाने का काम अभी पेंडिंग है। नंदीशाला के अलावा लावारिस पशुओं से निजात के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
16 मई को कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर आदेश दिया था कि शहर की सड़कों पर लावारिस पशु नहीं दिखने चाहिए। आदेशों को 23 दिन बीत चुके है। बावजूद इसके धरातल पर लावारिस पशुओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन या पशु पालन विभाग का कोई काम नजर नहीं आ रहा। प्रशासन की सुस्ती आमजन पर भारी पड़ रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में हर रोज लावारिस सांड़ किसी न किसी को नुकसान पहुंचा रहे है। कहीं वाहन तोड़ रहे हैं तो कहीं राहगीरों को चोट पहुंचा रहे हैं। नंदीशाला के अलावा किसी भी विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लावारिस पशुओं से निजात के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
नंदीशाला में अभी बाकी है काम
लावारिस पशुओं के लिए दादरी रोड पर मत्स्य पालन विभाग की जमीन पर नंदीशाला का निर्माण किया जा रहा है। नंदीशाला में शेड निर्माण, पशुओं के चारे व पानी के लिए व्यवस्था, एक कमरे की व्यवस्था तो हो गई है जबकि अभी भी काम बाकी है। यहां अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है। अभी तक देखरेख के लिए सोसायटी का न गठन हुआ और न ही रजिस्ट्रेशन। सोसायटी के रजिस्ट्रेशन के बाद सोसायटी के नाम से ही बिजली कनेक्शन लिया जाएगा। मुख्य गेट के पिलर का काम बाकी है तो यहां कैसे व्यवस्था बनाई जाएगी।
कौन पकड़ेगा लावारिस पशु
जिला प्रशासन ने नंदीशाला का निर्माण कार्य होने के बाद लावारिस पशुओं को पकड़कर इसमें छुड़वाने की प्लानिंग तो बना ली मगर लावारिस पशुओं को पकड़ेगा कौन यह फैसला अभी नहीं हो पाया है। इस कारण योजना में और देरी हो सकती है। हालांकि नप अधिकारी मान रहे है कि पहले की तरह नप कर्मचारी ही लावारिस पशुओं को पकड़ नंदीशाला में पहुंचा आएंगे।
नंदीशाला के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही बाकी कार्य भी पूरे कर इसकी ओपनिंग करवाई जाएगी। बिजली कनेक्शन सोसायटी के नाम से लिया जाना है, ऐसे में सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का इंतजार किया जा रहा है।
सुंदर सिंह, एमई, नगर परिषद
नया बाजार: यहां तो हर रोज टूटते है वाहन
शहर के मुख्य बाजारों में शूमर नया बाजार में हर रोज सांड लड़ते है और अनेक वाहनों को तोड़ते है। अनेक राहगीर, बच्चे भी सांडों की चपेट में आकर घायल हो चुके है। बावजूद प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
गली में खड़ी स्कूटी तोड़ डाली
नया बाजार लंबी गली में स्कूटी खड़ी की थी। सांड़ों में लड़ाई हुई और स्कूल, एक-दो अन्य बाकी भी तोड़ डाली। अब लावारिस पशुओं के लिए किससे कहें। -जगबीर सिंह, रामगंज मोहल्ला
घर के बाहर का चबूतरा तोड़ डाला, रहता है हादसों काडर
घर के बाहर का चबूतरा सांड़ों ने लड़ाई कर तोड़ डाला। बच्चे बाहर गली में खेलते है तो हर समय डर रहता है कि कहीं सांड न आ जाए। लोगों को ये सांड लड़ाई के दौरान भारी नुकसान पहुंचा रहे है। - उमेश, लंबी गली नया बाजार
बाइक और कार तोड़ डाली
दो रोज पूर्व गली में खड़ी योगेश नामक युवक की बाइक तोड़ डाली। उसके परिवार में एक की बाइक तोड़ी तो एक की कार। हर रोज नुकसान कर रहे हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन इनका कोई समाधान नहीं कर रहा। - हरिप्रकाश, सराय चौपटा
बाहर सामान रखना छोड़ दिया
पहले दुकानों के बाहर पेंट आदि कुछ सामान रख लेते थे मगर सांड लड़ाई कर इन्हें भी तोड़ जाते। इस कारण अब बंद कर दिया है। सांड हर रोज नुकसान पहुंचा रहे है। कुछ रोज पूर्व एक ग्राहक की नई कार तोड़ डाली। - हरि सिंह, दुकानदार, पूर्व प्रधान इलेक्ट्रिसिटी ट्रेड यूनियन
रोजाना पहुंचा रहे नुकसान
लावारिस सांड़ हर रोज लड़ते हैं और नुकसान पहुंचाते है।ं कार, बाइक आदि सामान टूटना रोज का कार्य है। प्रशासन को चाहिए कि इनका समाधान किया जाए। इनके लिए कोई परमानेंट व्यवस्था की जाए। - विष्णु दत्त, दुकानदार, बिजली बाजार