रोहतक। मार्च महीने से आर्थिक कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा विभाग ने नियम 134ए के तहत दूसरे चरण में निजी स्कूलों में दाखिला पाने को महज दो दिन का समय शेष है। ऐसे में अभिभावकों के सामने बड़ी परेशानी इस बात की आ गई है कि कुछ निजी स्कूलों में अलॉट हुए अभ्यर्थियों को दाखिले देने के लिए स्कूल प्रबंधन ही स्कूल में उपस्थित नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद स्कूलों की दाखिला कमेटी बीआरसी कार्यालय नहीं पहुंच रही। दाखिले के लिए अभिभावक एसीएस से लेकर सीएम विंडो पर शिकायत कर चुके हैं। इस बारे में डीईईओ का कहना है कि बीईओ को दाखिले की अथोरिटी बनाया गया है, अगर बीईओ उन्हें लिखित में शिकायत दें तो वे निजी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए विभाग को मेल कर देंगी।
अधिकारी एक-दूसरे पर झाड़ते रहे पल्ला
अभिभावकों ने मंगलवार को जब पंचकुला स्थित शिक्षा निदेशालय में फोन कर अपनी शिकायत का स्टेटस जानना चाहा, तो वहां से उन्हें प्रमोद कुमार से बात करने की सलाह दी गई। अभिभावकों ने जब प्रमोद कुमार के सामने अपनी परेशानी रखी तो उन्होंने अभिभावकों को अपने खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत देने की बात कही। इसके बाद अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी आदर्श राजन को अपनी परेशानी से अवगत करवाया। अभिभावकों ने बताया कि बीईओ ने उन्हें बताया कि उनके कार्यालय की ओर से संबंधित स्कूलों को पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास इन स्कूलों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई करने की शक्तियां नहीं हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी के जवाब से असंतुष्ट अभिभावक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। यहां भी अभिभावकों ने उनके सामने अपनी परेशानियां रखी। इस पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों को बताया कि रोहतक खंड शिक्षा कार्यालय की ओर से उनके कार्यालय के पास किसी भी स्कूल द्वारा विभागीय आदेशों की अवहेलना करने की शिकायत नहीं पहुंची है। जब भी उनके पास इस तरह की शिकायत पहुंचेगी वे उस शिकायत को निदेशालय में विभागीय कार्रवाई के लिए भेज देंगे।
सीएम विंडो पर सुनवाई के लिए शिकायत हुई मंजूर
नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया के दूसरे चरण में अलॉट हुए अभ्यर्थियों को निजी स्कूलों द्वारा दाखिला देने में आनाकानी की जा रही है। जब ब्लॉक व जिला स्तर के अधिकारी इन अभ्यर्थियों का दाखिला करवाने में असमर्थ नजर आए तो अभिभावकों ने सीएम विंडो पर शिकायत डाली। अभिभावकों ने 13 जून को यह शिकायत की गई थी। मंगलवार को जब अभिभावकों ने इस शिकायत का स्टेटस चैक किया तो पता लगा कि यह शिकायत सीनियर सेकेंडरी एजूकेशन की प्रशासनिक ब्रांच के पास भेज दी गई थी।