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बीईओ ने लगाई अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज की

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रेवाड़ी। नायब तहसीलदार का पेपर लीक करने के मामले के आरोपी बीईओ राजीव भूटानी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। वहीं गिरफ्तार किए गए परीक्षा केंद्र अधीक्षक जसबीर समेत पांच आरोपियों को रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस बीईओ राजीव बूटानी और सतीश राठी की तलाश में जुटी हुई है।
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26 मई को नायब तहसीलदार की परीक्षा शुरू होते ही पुलिस ने रेवाड़ी जैन गर्ल्स स्कूल व माउंट लिट्रा स्कूल से पांच आरोपियों को आंसर-की के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा तीन आरोपी गुरुग्राम व एक आरोपी को करनाल से गिरफ्तार किया था। उसके ठीक एक दिन बाद पेपर लीक कर आरोपियों तक पहुंचाने वाले करनाल स्थित एसएस इंटरनेशल स्कूल में तैनात परीक्षा वाले दिन परीक्षा केंद्र अधीक्षक जसबीर को गिरफ्तार किया था। आरोपी हिसार के भूरे निवासी दीपक, बाहनी अमरपुर निवासी कृष्ण, ददई निवासी रविश, रेवाड़ी के गांव बालियर निवासी कुलदीप व गुमीना निवासी जयवीर को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया गया था, जबकि करनाल निवासी जसवीर कोच, हिसार के बाहनी अमरपुर निवासी अखिल, हांसी निवासी पंकज, बास खुर्द निवासी दिनेश कुमार व करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल के चपरासी राजकुमार उर्फ राजू को पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था। जिनका रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

बीईओ और सतीश राठी खोल सकते है मामले के अहम राज
पेपर लीक मामले के मुख्य चेेहरे बीईओ राजीव बुटानी व सतीश राठी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की तह में पहुंचा जा सकता है। बताया जा रहा है कि पेपर को लीक कराने में मुख्य भूमिका बीईओ ने निभाई, जबकि सतीश राठी ने बीईओ को इस कार्य के लिए तैयार किया। उसके बाद ही सारा खेेल शुरू हुआ।
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सेशन कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत अर्जी
मुख्य आरोपी निसिंग के बीईओ राजीव बुटानी की ओर से अधिवक्ता ने शनिवार को जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यहां से पेपर लीक कांड के असली चेहरे जसबीर और दिनेश को एक बार फिर रिमांड पर लिया जा सकता है, क्योंकि इस कांड के दो बड़े चेहरे राजीव बुटानी और सतीश राठी अभी भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सके हैं।
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