रेवाड़ी। नायब तहसीलदार परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी की लोकेशन महेंद्रगढ़ जिले में मिली है। बुधवार को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महेंद्रगढ़ में छापामारी की गई, लेकिन वह नहीं मिल सका। इस मामले में नया नाम सतीश राठी का जुड़ा है। सतीश राठी महम में एक कॉलेज चलाता है। सतीश राठी, बीईओ राजीव भुटानी ने मिलकर की इस पेपर लीक कांड की साजिश रची थी।
बुधवार को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पांच आरोपी हिसार के बुरे निवासी दीपक, भैणी अमीरपुर निवासी कृष्ण, ददई निवासी रविश, रेवाड़ी के गांव बालियर निवासी कुलदीप और गुमीना निवासी जयवीर को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पांच दिन के रिमांड पर चल रहे हिसार के भैणी अमीरपुर निवासी अखिल, हांसी निवासी पंकज, बास खुर्द निवासी दिनेश कुमार और करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल के कर्मचारी राजकुमार उर्फ राजू, चार दिन के रिमांड पर चल रहे सेंटर अधीक्षक जसवीर से पुलिस की टीमें लगातार पूछताछ कर रही है।
पुलिस की साइबर सेल आरोपी बीईओ की लोकेशन जांच रही है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को आरोपी बीईओ की लोकेशन महेंद्रगढ़ जिले में मिली थी। इसके बाद से उसकी लोकेशन अपडेट नहीं हो पा रही। पुलिस ने महेंद्रगढ़ जिलेे में संभावित ठिकानों पर छापा मारा। जहां पुलिस को सफलता हासिल नहीं हो सकी है। महम में कॉलेज चलाने वाले सतीश राठी का नाम भी पेपर लीक मामले में जुड़ गया है। दिनेश, सतीश राठी, राजीव भुटानी ने मिलकर पेपर लीक की पूरी पटकथा लिखी थी।
दिनेश और सतीश राठी 2017 में भी फंसे थे पेपर लीक कराने में
रेवाड़ी। तीन दिन की पूछताछ में पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए नायब तहसीलदार की परीक्षा देने पहुंचे दिनेश कुमार और बीईओ राजीव भुटानी के बीच हुई डील का खुलासा किया था। इस डील में अहम रोल अदा करने वाला महम का सतीश राठी है। दिनेश और सतीश दोनों आपस में काफी पुराने परिचित हैं। दोनों वर्ष 2017 में आबकारी एवं कराधान विभाग के पेपर लीक मामले में भी शामिल थे। इस मामले में एक एफआईआर यमुनानगर थाना में दर्ज है। दिनेश के कहने पर ही सतीश राठी ने अपने परिचित बीईओ राजीव भुटानी से सेटिंग की थी। उसके बाद राजीव भुटानी ने अपने दोस्त एसएस इंटरनेशनल स्कूल में परीक्षा वाले दिन केंद्र अधीक्षक जसवीर कोच को साजिश में शामिल कराया था। एक लाख रुपये में सौदा तय होने के बाद राजीव भुटानी ने पेपर को केंद्र अधीक्षक के हाथों ही व्हाट्सएप पर मंगवाया था। पेपर की फोटो खींचने में एसएस इंटरनेशनल स्कूल का चपरासी राजकुमार शामिल था। उसके बाद तार से तार जुड़ते हुए पहले पेपर पंकज और फिर रेवाड़ी में परीक्षा दे रहे दो सगे भाई मनोज व दिनेश के दोस्तों के पास रेवाड़ी के सेंटर तक पहुंचा था।