रोहतक। हरियाणा को खेल व खिलाड़ियों की धरती के रूप में जाना जाता है। हरियाणा के खिलाड़ियों का जिक्र आता है तो लंबी कद-काठी के हष्ट-पुष्ट खिलाड़ियों की छवि हमारे दिमाग में उभरती है। अब हरियाणा की धरती से ऐसे खेल से भी खिलाड़ी उभर रहे हैं, जिसमें दिमाग व शरीर की गतिविधियों के मध्य जबरदस्त तालमेल की आवश्यकता होती है। ऐसा ही एक खेल है टेबल टेनिस, जो कि विश्व भर में आईस हॉकी के बाद दूसरा सबसे तेज खेल माना जाता है। टेबल टेनिस के इस खेल में ही प्रदेश के रोहतक शहर से 15 वर्षीय खिलाड़ी सुहाना सैनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विश्व रैंकिंग के आधार पर हुए चयन में सुहाना छठे पायदान पर हैं। इस स्तर तक पहुंचाने में उनकी मां व टेबल टेनिस कोच भावना सैनी का अहम योगदान रहा है। चीन के शंघाई शहर में तीन जून से 11 जून तक इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (आईटीटीएफ) की ओर से टेबल टेनिस कॉलेज ऑफ चाईना में हाई डेवलेपमेंट कोर्स का आयोजन होने जा रहा है। अब मां-बेटी की यह जोड़ी नई तकनीक सीखने के लिए दो जून से चीन के लिए रवाना होगी। शिविर में विश्व के 12 बेस्ट कोच व अंडर-15 के 12 बेस्ट खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
वर्तमान में टेबल टेनिस की दुनिया में विश्व भर में चीन के खिलाड़ियों का दबदबा है। इस खेल में अन्य देशों के खिलाड़ियों को समान अवसर उपलब्ध करवाने, ज्यादा से ज्यादा देशों की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन की ओर से हाई डेवलेपमेंट कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। यह कोर्स चीन के संघाई शहर में आगामी तीन जून से 11 जून तक चलेगा। इस कोच में अंडर 15 आयुवर्ग के छह सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी व छह सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त इस कोर्स में इन सभी 12 खिलाड़ियों के कोच भी इस कोर्स का हिस्सा बने रहे हैं। जिन्हें इस कोर्स के दौरान हाई लेवल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कार्यक्रम में एशिया से केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें से भारत से एकमात्र खिलाड़ी सुहाना सैनी हैं। जो रोहतक के आर्य नगर में रहती हैं। इस कार्यक्रम के लिए चयनित होने वाले खिलाड़ी के साथ-साथ उनकी कोच एवं मां भावना सैनी भी डेवलेपमेंट कोर्स में उनके साथ जा रही हैं।
भावना सैनी ने बताया कि इस कोर्स के दौरान खिलाड़ियों को खेल की तकनीक सुधारने के साथ साथ फिजिकल ट्रेनिंग, मेंटल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा। वहीं उनके कोच को खेल में नई तकनीक से रूबरू करवाना, उनके द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही ट्रेनिंग को सरल बनाना व विश्व के अन्य श्रेष्ठ खिलाड़ियों के खेलने का अंदाज समझने का मौका दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को भी आपस में अभ्यास कर एक दूसरे के खेल की तकनीक व खेलने का स्टाइल समझने में आसानी होगी, जिससे उन्हें भविष्य में उन खिलाड़ियों से कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
आगामी अगस्त से एशियन जूनियर चैंपियनशिप के साथ ही देश विदेश में टेबल टेनिस में नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी। जिसमें एशियन जूनियर चैंपियनशिप के बाद नेशनल चैंपियंनशिप, प्रो टेबल टेनिस जैसे टूर्नामेंट शुरू हो जाएंगे। इन टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए ही भारतीय टेबल टेनिस संघ की ओर से देश के अंडर 15 के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को हाई डेवलेपमेंट कोर्स के लिए भेजा जा रहा है।
- महेंद्र पाल सिंह, महासचिव, भारतीय टेबल टेनिस संघ