सांपला। गढ़ी सांपला के खेतों मे शुक्रवार रात करीब 9 बजे टूटी माइनर को सिंचाई विभाग ने शनिवार को 18 घंटे बाद बंद किया। जब तक माइनर का पानी रोका गया तब तक 100 एकड़ से अधिक खेत तालाब बन चुके थे। इससे खेतों में बिजाई ज्वार और धान की पौध खराब हो गई। माइनर के टूटने का कारण पटरी का कमजोर होना और शेव के बिल को माना जा रहा है। रात को जो कटाव चार फीट तक था वह शनिवार सुबह तक 20 फीट चौड़ा हो गया था। बाद में सिंचाई विभाग ने तीन जेसीबी और 30 मजदूरों की मदद से पाटा। बता दें कि दुल्हेड़ा माइनर शुक्रवार को दो जगह से टूटी थी। पहले झज्जर जिले के गांव रोहद के पास बुर्जी नंबर 77 हजार और दूसरी बाद कालीदास धाम से आगे 66 हजार बुर्जी नंबर से टूट गई। करीब 16 घंटे बाद माइनर में दोबारा से 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि पहले 350 क्यूसेक पानी छोड़ा था।
20 करोड़ की लागत से चल रहा निर्माण
दुल्हेड़ा माइनर की पटरी कमजोर होने से हर साल कहीं न कहीं से माइनर टूट रही है। जिसको लेकर सरकार ने माइनर को दोबारा से पक्की करने के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसके तहत निर्माण कार्य चल रहा है। विभाग अधिकारियों द्वारा 75 हजार 855 फीट लंबी इस माइनर को जून महीने तक पक्का किए जाने का दावा किया जा रहा है।
माइनर में एक जगह तो पटरी में दरार हो गई जबकि दूसरी जगह बिल होने से टूट गई थी। कैहली हेड से पानी रोक दिया था। उसको ठीक कर दोबारा से पानी छोड़ा गया है। जहां तक माइनर की पटरी कमजोर है वहां तक सुरक्षा कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है।
- सतेंद्र कुमार एसडीओ सिंचाई विभाग रोहतक।
पटरी कमजोर होने से दो जगह से टूटी दुल्हेड़ा माइनर
9 बजे रात को टूटी दुल्हेड़ा माइनर में कालीदास धाम के पास आई दरार
77 हजार बुर्जी नंबर पर रोहद के पास पहले टूटी
66 हजार बुर्जी नंबर पर दूसरी बार में 20 फीट का बना कटाव
18 घंटे बाद सिंचाई विभाग ने बंद किया पानी
350 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था शुक्रवार रात पानी
3 जेसीबी और 30 मजदूराें की मदद से पाटा गया माइनर को
16 घंटे बाद माइनर को पाटकर दोबारा छोड़ा गया पानी
रोहद फीडर की आधे दिन रहेगी बिजली बंद
सांपला। रोहद 33 केवी पावर हाउस की रविवार को दोपहर तक बिजली बाधित रहेगी। विद्युत निगम के एसडीओ मनीष दलाल ने बताया कि पावर हाउस में मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस कारण सुबह छह से दोपहर तक बिजली बंद रहेगी।
सांपला के किसानों ने अंडरपास की मांग उठाई
सांपला। पश्चिम दिशा में लगते खेत मालिकों ने नेशनल हाईवे ऑथोरिटी से अंडरपास की मांग रखी है। शनिवार को किसान सोनू, संदीप कुमार, रमेश, सुरेश, प्रदीप कुमार, सीताराम, सुरेश कुमार, सुधीर आदि का कहना है पश्चिम दिशा में लगते मछली फार्म हाउस के साथ से बाईपास निकाला जा रहा है। जबकि उनकी जमीन बाईपास से दूसरी ओर लगती है। बाइपास निकलने की वजह से उनका खेतों में आने जाना का कोई रास्ता नहीं रहा। उन्होंने अंडरपास की मांग की है।