रोहतक। लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। नियमों के तहत 72 घंटे के अंदर सरकार व गैर सरकारी कार्यालय व सार्वजनिक स्थानों से पीएम, सीएम, मंत्री या दूसरे नेताओं के पोस्टर, होर्डिंग व बैनर हटाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम ने पांच टीमों का गठन किया है। सोमवार को टीमों ने दिल्ली रोड व बाईपास पर स्ट्रीट पोल पर लगे होर्डिंग हटाए गए, जबकि बुधवार तक सरकारी कार्यालयों के अंदर से भी सरकार की नीतियों का गुणगान करने वाली प्रचार सामग्री हटा दी जाएगी।
डीसी डॉ. यश गर्ग ने बताया कि चुनावी पंपलेट, पोस्टर या अन्य प्रचार सामग्री छपवाने के जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127ए के प्रावधानों के अनुसार प्रकाशक व मुद्रक के नाम व पता लिखा होना अनिवार्य है। प्रकाशक को न केवल अपनी पहचान देनी होगी बल्कि हस्ताक्षर के साथ उन दो लोगों से सत्यापन भी कराना होगा जो उसे व्यक्तिगत रूप से जानते हो। अगर पंपलेट अथवा पोस्टर राज्य की राजधानी में छापा जाता है तो मुद्रक को एक तर्क संगत समय में छापे गये कागजात की प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजनी होगी। इसमें चुनाव की बैठक की तिथि, समय, स्थान व अन्य विवरण या चुनाव एजेंटों को दिये जाने वाले निर्देशों के लिए तैयार किये गये प्ले गार्ड अथवा पोस्टर को शामिल नहीं किया जाएगा। इसकी अवहेलना करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।