फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब रेलवे की खाली पड़ी जमीन में आएगी हरियाली

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो परिचय
विज्ञापन

एमए-1 नितिन चौधरी, सीपीआरओ।
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
अब रेलवे की खाली पड़ी जमीन में आएगी हरियाली
- रेलवे विभाग ऐसे स्थानों पर लगाएगा पौधे
- इस संबंध में रेल मंत्री ने भी संबंधित अधिकारियों के पास भेजा पत्र
दैनिक रेल यात्री संघ को भी सौंपी जाएगी पौधों को बचाने की जिम्मेदारी, वन विभाग से इस संबंध में किया गया है करार
महबूब अली
रोहतक। रेलवे ने रेलवे स्टेशन व उसके आसपास क्षेत्र में खाली पड़ी अपनी जमीन पर पौधे लगाने का निर्णय लिया है। ताकि यात्री भी ट्रेन आने तक पेड़ पौधों की छांव में बैठ सकें। पेड़-पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे अधिकारियों के साथ-साथ दैनिक रेल यात्री संघ को भी सौंपी जाएगी। इस संबंध में रेल मंत्री ने भी विभागीय अधिकारियों को भी पत्र भेजा है। खाली पड़ी जमीन का ब्योरा डीआरएम रेलवे को भेजा जा रहा है।
रोहतक के अलावा सोनीपत, भिवानी, दिल्ली के आसपास क्षेत्र में पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों के आसपास कई एकड़ में रेलवे की भूमि बंजर पड़ी है। कई बार यात्री अपने वाहन यहां पार्क करते हैं। लेकिन, अब रेलवे की इस खाली पड़ी भूमि पर हरियाली नजर आएगी। इसके लिए सभी स्टेशन अधीक्षकों के पास पत्र भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि रेलवे की जितनी भी जमीन बंजर पड़ी है, उनका पूरा ब्योरा एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराया जाए। ताकि भूमि पर पौधे लगाने के लिए पौधे भेजे जा सकें। जामुन से लेकर नीम, फूलदार पौधे शुरुआत में उगाए जाएंगे। कोई पौधों से छेड़छाड़ करता पाया जाता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। पौधे लगाने के लिए वन विभाग से इस संबंध में सहमति बनी है। पौधे लगाने को वन विभाग सहयोग करेंगा। कितने एकड़ जमीन में पौधे लगाए जाने है, इसका पूरा ब्योरा अभी तैयार कराया जा रहा है।
विज्ञापन


हरियाणा के अलावा दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों पर रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर पौधे लगाने की प्लानिंग की है। जल्द ही पौधे लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दैनिक रेल यात्रियों को ही पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। - नितिन चौधरी, सीपीआरओ, रेलवे
विज्ञापन

---
पौधों की सुरक्षा करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा
सीपीआरओ ने बताया कि पौधों की रक्षा में सहयोग करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। ऐसे लोगों का ब्योरा संबंधित रेलवे स्टेशन से लिया जाएगा। ताकि अन्य लोग भी प्रेरित होकर पौधों की रक्षा में अपना सहयोग करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें